नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। छाता गांव स्थित कल्लू ठाकुरबाड़ी राम-जानकी मंदिर से 16 मार्च को चोरी हुई सैकड़ों साल पुरानी तीन बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां सोमवार को लावारिस हालत में बरामद हो गईं। मूर्तियां मिलने की खबर फैलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और ‘जय श्री राम’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।
जानकारी के अनुसार लखनौर-बेदौली और शाहाबाद पंचायत की सीमा पर एक अज्ञात बाइक सवार युवक तीनों मूर्तियां छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों की नजर मूर्तियों पर पड़ते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ मूर्तियों को वापस गांव के मंदिर पहुंचाया।
सूचना मिलने पर विवेक भारती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष विवेक भारती ने बताया कि 16 मार्च को मूर्ति चोरी की घटना के बाद लगातार छापेमारी और दबिश दी जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई के दबाव में चोर मूर्तियां छोड़कर भाग गए। उन्होंने इसे पुलिस और जनता के सहयोग का परिणाम बताया।
गौरतलब है कि 16 मार्च की रात चोरों ने कल्लू ठाकुरबाड़ी के गर्भगृह का ताला तोड़कर भगवान राम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां चुरा ली थीं। तीनों मूर्तियों का कुल वजन लगभग 45 किलो बताया गया था। मूर्तियों पर चांदी के मुकुट भी स्थापित थे।
मंदिर कमेटी के सचिव मुनदेव सिंह के बयान पर मसौढ़ी थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मंदिर कमेटी के अनुसार कल्लू ठाकुरबाड़ी की स्थापना वर्ष 1935 में हुई थी और यहां स्थापित राम-जानकी-लक्ष्मण की मूर्तियां 100 वर्ष से अधिक पुरानी थीं।
मूर्तियों की बरामदगी के बाद गांव में उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाते नजर आए। पंचायत के मुखिया रवि प्रकाश तथा मंदिर कमेटी के अखिलेश कुमार सिंह, मदन कुमार, लवकुश कुमार और सूर्य दयाल प्रसाद समेत अन्य सदस्य अब ठाकुरबाड़ी में विधिवत मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी में जुट गए हैं।