औरंगाबाद पुलिस की अनुसंधान प्रक्रिया को मिली सफलता
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। औरंगाबाद पुलिस के सफल अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप मदनपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला ओझा-डायन के आरोप में दो व्यक्तियों की पीट-पीटकर हत्या से जुड़ा था।
जानकारी के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जमुआईन में 29 जून 2021 को कुछ लोगों ने अंधविश्वास और ओझा-डायन के आरोप में दो व्यक्तियों के साथ बेरहमी से मारपीट कर उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतकों के परिजनों के आवेदन पर मदनपुर थाना कांड संख्या-154/21, दिनांक 30 जून 2021 को संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, ह्यूमन इंटेलिजेंस, घटनास्थल का निरीक्षण, एफएसएल टीम द्वारा साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान तथा एफएसएल रिपोर्ट का गहन अध्ययन करते हुए मजबूत केस डायरी तैयार की। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया।
मामले में एपीपी प्रदीप कुमार सिंह द्वारा प्रभावी ढंग से पक्ष रखा गया। सुनवाई पूरी होने के बाद गुरुवार को एडीजे-08 मनीष कुमार जायसवाल की अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों को सही मानते हुए पांचों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में लालमोहन भुईयां, तपेश्वर भुईयां, रामप्यारे भुईयां, अशरफी भुईयां एवं राजेश भुईयां शामिल हैं। सभी आरोपी मदनपुर थाना क्षेत्र के जमुआईन गांव के निवासी हैं।
न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत पांचों अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 148 के तहत दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 147 के तहत एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 448 के तहत भी एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इस फैसले को औरंगाबाद पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, साक्ष्य आधारित कार्रवाई और प्रभावी अभियोजन के कारण पीड़ित परिवार को न्याय मिल सका।
यह फैसला समाज में अंधविश्वास और ओझा-डायन जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से दूर रहें और कानून पर विश्वास बनाए रखें।