नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। लगभग 22 वर्ष पुराने हत्या के एक चर्चित मामले में औरंगाबाद पुलिस की प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन कार्रवाई के परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार टंडवा थाना कांड संख्या-16/2004, दिनांक 12 मार्च 2004 से संबंधित मामले में नागाडीह गांव के मनोहरी टोला में आपसी विवाद को लेकर मारपीट के बाद हत्या की घटना हुई थी। घटना के संबंध में टंडवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मामले की जांच के दौरान औरंगाबाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, मानव खुफिया तंत्र, घटनास्थल निरीक्षण तथा एफएसएल रिपोर्ट समेत विभिन्न साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इसके आधार पर केस डायरी और आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मंगलवार को व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी लखन भुइयां, पिता स्वर्गीय परमेश्वर भुइयां, निवासी मनोहरी टोला, नागाडीह, थाना टंडवा, जिला औरंगाबाद को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
औरंगाबाद पुलिस ने इसे न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान, साक्ष्यों के प्रभावी संकलन और मजबूत अभियोजन के कारण इतने पुराने मामले में भी दोषी को सजा दिलाई जा सकी।
यह फैसला दर्शाता है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं और दोषियों को अंततः न्यायालय के समक्ष जवाबदेह होना पड़ता है।