नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ समान अवसर देने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे हीन भावना से दूर रहते हैं। समाज और विद्यालय को उनके साथ समान व्यवहार करना चाहिए तथा उनकी विशेष प्रतिभा की पहचान कर उसे निखारने का अवसर देना चाहिए। यह बातें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) संतोष कुमार ने शनिवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कुटुंबा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में आवासित 25 मूक-बधिर दिव्यांग बालिकाओं को हियरिंग एड वितरित किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग दिव्यांग बच्चियों को बेहतर जीवन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके प्रोत्साहन और सामान्य बच्चों के समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं और सुविधाएं संचालित की जा रही हैं।
डीपीओ ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कुटुंबा की व्यवस्थाओं और प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय की पूरी टीम समर्पण के साथ उत्कृष्ट कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मूक-बधिर बालिकाओं ने साइन लैंग्वेज के माध्यम से अपना परिचय दिया तथा अंग्रेजी वर्णमाला, फलों और सब्जियों के नाम प्रस्तुत किए। इसके अलावा कुछ छात्राओं ने रिकॉर्डेड संगीत पर नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चियों की प्रस्तुति से प्रभावित डीपीओ ने उनकी जमकर सराहना की और उनके सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर किया गया।
इस मौके पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी गंगाधर महतो, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रणविजय कुमार, संचालक चंद्रशेखर प्रसाद साहू, संसाधन शिक्षक राकेश कुमार, घनश्याम पटेल, मारूफ अली साबरी, प्रभारी वार्डन आँचल कुमारी, व्यावसायिक अनुदेशिका इंदु कुमारी, केयरटेकर रीना कुमारी, उषा देवी, विजय मेहता सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।