नवबिहार टाइम्स संवाददाता
दाउदनगर (औरंगाबाद)। व्यवहार न्यायालय दाउदनगर के अनुमण्डलीय न्यायिक दंडाधिकारी विकास कुमार की अदालत ने दाउदनगर थाना कांड संख्या 585/2025 में आरोपी संतोष गुप्ता उर्फ संतोष साव, निवासी बम रोड, वार्ड संख्या-10 को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1B)(a) एवं 26 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। आरोपी को धारा 25(1B)(a) के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास एवं 10000 जुर्माना लगाया गया है।
जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगाl तथा धारा 26 के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास एवं 5000 रुपये जुर्माना दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास साधारण रूप से भुगतना पड़ेगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा कानून के अनुसार सेट-ऑफ का लाभ प्रदान किया गया है। न्यायालय द्वारा बार बार आर्म्स एक्ट में सजा देकर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि न्यायालय द्वारा इस तरह का अपराध करने पर छोड़ा नहीं जाएगा।
न्यायालय ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट संकेत दिया कि अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की उदारता नहीं बरती जाएगी। न्यायालय का मानना है कि बिना लाइसेंस या अवैध हथियार रखने के मामलों में सजा का उद्देश्य केवल दंड नहीं बल्कि समाज में भय एवं रोकथाम स्थापित करना भी है, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पिछले छह माह के दौरान इस न्यायालय द्वारा आर्म्स एक्ट से संबंधित कई मामलों में दोषसिद्ध अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अवैध हथियार रखने वालों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया जा रहा है। न्यायालय की यह कार्यप्रणाली कानून के शासन को मजबूत करने तथा पीड़ितों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।