उद्योग–स्टार्टअप संवाद सत्र में 24 से अधिक स्टार्टअप्स ने साझा किए अनुभव और चुनौतियां
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार में उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) बिहार द्वारा एमिटी यूनिवर्सिटी, पटना में इंडस्ट्री–स्टार्टअप एंगेजमेंट सेशन एवं सीआईआई बिहार एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप टास्कफोर्स 2026-27 की प्रथम बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 24 से अधिक स्टार्टअप्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, निवेशकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर बिहार में उद्यमिता के लिए एक मजबूत और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना था। इस दौरान स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने उद्यमों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और व्यवसाय विस्तार में आने वाली चुनौतियों को साझा किया। चर्चा के दौरान बाजार तक पहुंच, निवेश, तकनीकी नवाचार, मानव संसाधन और व्यवसाय विस्तार जैसे विषय प्रमुख रहे।
सीआईआई बिहार के उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप्स को उद्योग जगत से जोड़ने, उन्हें मेंटरशिप उपलब्ध कराने और बाजार के अवसरों तक पहुंच बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल उद्योग विशेषज्ञों और स्टार्टअप संस्थापकों ने निवेश के अवसर, ब्रांड निर्माण, उद्योग साझेदारी और व्यवसाय विकास की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर सीआईआई बिहार स्टेट काउंसिल के चेयरमैन गौरव साह, पूर्व चेयरमैन प्रमोद शर्मा, डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह, इमीडिएट वाइस चेयरमैन प्रिंस रंजन, एमिटी यूनिवर्सिटी पटना के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेकानंद पांडेय तथा टास्कफोर्स के सह-कन्वीनर विश्वजीत कुमार सहित कई उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष पैनल चर्चा में विभिन्न सफल स्टार्टअप्स के संस्थापकों ने अपने अनुभव साझा किए। पैनलिस्ट्स ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बिहार में सफल व्यवसाय स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने नवाचार, दृढ़ संकल्प और ग्राहक-केंद्रित सोच को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम में यह बात प्रमुखता से उभरकर सामने आई कि बिहार के स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक मार्गदर्शन, संरचित मेंटरशिप और मजबूत उद्योग संपर्कों की आवश्यकता है। प्रतिभागियों ने माना कि राज्य में उद्यमिता गतिविधियों में तेजी आई है, लेकिन स्टार्टअप्स को निवेशकों, बाजार और उद्योग नेटवर्क तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना जरूरी है।
सीआईआई बिहार के प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन अपने राष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से स्टार्टअप्स को उद्योग संपर्क, मेंटरशिप, निवेशकों तक पहुंच और बाजार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार है।
कार्यक्रम का समापन बिहार में एक सशक्त, नवाचार-आधारित और अवसर-संपन्न स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।