जिला पदाधिकारी के कुशल नेतृत्व में निर्माण कार्यों को मिली नई गति
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं सतत निगरानी के परिणामस्वरूप उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है।

चालू कार्य सत्र के मात्र छह महीनों में नहर की कंक्रीट लाइनिंग का लगभग 73 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जो पिछले कई वर्षों की तुलना में सर्वाधिक तेज प्रगति मानी जा रही है।
इसी संदर्भ में आज मुख्य सचिव, बिहार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। उक्त बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, वरीय उप समाहर्ता रितेश यादव एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती दो वर्षों में कुल 22.5 किलोमीटर नहर लाइनिंग कार्य पूर्ण हुआ था, जबकि वर्तमान कार्य सत्र में रिकॉर्ड गति से लगभग 57 किलोमीटर नहर लाइनिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। परियोजना के अंतर्गत कुल 77.7 किलोमीटर लाइनिंग प्रस्तावित है, जिसमें अब केवल सीमित कार्य शेष रह गया है। यह उपलब्धि पूर्व वर्षों की औसत प्रगति की तुलना में तीन गुना से अधिक है।

जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा समय-समय पर परियोजना की समीक्षा, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित किए जाने से कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है। परियोजना से जुड़े अभियंताओं, कर्मियों, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता के सहयोग से अनेक चुनौतियों और जटिलताओं के बावजूद यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की जा सकी है।
परियोजना अंतर्गत नहर पर निर्मित की जा रही विभिन्न संरचनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 163 संरचनाओं में से 70 संरचनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष संरचनाओं को आगामी कार्य सत्र तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला पदाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शेष कार्यों को भी पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों को स्थायी एवं बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने से कृषि उत्पादन में वृद्धि, किसानों की आय में सुधार तथा क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उत्तर कोयल परियोजना की वर्तमान उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रभावी नेतृत्व, जनसहयोग एवं समन्वित प्रयासों के बल पर बड़े विकासात्मक लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सकता है।