जिला पदाधिकारी ने भू-अर्जन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का दिया निर्देश
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सभी परियोजनाओं की प्रगति, मुआवजा भुगतान, लंबित मामलों तथा सरकारी एवं रैयती भूमि हस्तांतरण की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि एनएच-120 (दाउदनगर बाईपास) परियोजना में कुल 10.1431 हेक्टेयर भूमि का पूर्ण अधिग्रहण कर लिया गया है। कुल 321 रैयतों में से 120 रैयतों को 21.26 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष 201 रैयतों के 25.63 करोड़ रुपये संयुक्त जमाबंदी से संबंधित अभिलेखों के लंबित रहने के कारण भुगतानाधीन हैं।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 270.4283 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूर्ण हो चुका है। कुल 3702 रैयतों में से 1746 रैयतों को 104.65 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। शेष 1956 रैयतों के 94.55 करोड़ रुपये मध्यस्थता (Arbitration) से संबंधित मामलों के कारण लंबित हैं।
बियाडा औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रस्तावित 436.50 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि चार मौजों में संयुक्त मापी (JMS) का कार्य जारी है, जबकि तीन मौजों में रैयतों के सहयोग के अभाव में कार्य प्रभावित है।
बैठक में प्रगति पथ के अंतर्गत संचालित विभिन्न सड़क परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि देव रिंग रोड निर्माण (27.5126 एकड़), देव सूर्य मंदिर परिसर से एसएच-101 तक ग्रीनफील्ड संपर्क पथ (7.36569 एकड़), रफीगंज बाईपास निर्माण (18.8145 एकड़), गया-औरंगाबाद पथ चौड़ीकरण (5.6948 एकड़), नवीनगर रेलवे यार्ड आर.ओ.बी. (0.2826 एकड़) तथा एनएच-139 दाउदनगर बाईपास (29.58213 हेक्टेयर) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भू-अर्जन की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। इन परियोजनाओं में अधिसूचना, संयुक्त मापी, सामाजिक प्रभाव आकलन, राजपत्र प्रकाशन एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त रेलवे, सड़क, डीएफसीसीआईएल, सोननगर बाईपास रेल लाइन, एसएच-101 चौड़ीकरण सहित अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण होने के बावजूद कुछ मामलों में रैयतों द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने अथवा सरकारी भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण मुआवजा भुगतान एवं आगे की कार्रवाई प्रभावित है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित सभी भू-अर्जन पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मुआवजा भुगतान, संयुक्त मापी, भूमि हस्तांतरण, अभिलेख सत्यापन तथा न्यायालय एवं मध्यस्थता से संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें।
ऊक्त बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू अर्जन पदाधिकारी शुभेंद कुमार झा एवं वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव मौजूद रहे।