नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। लहसुना थाना क्षेत्र के हरवंशपुर पंचायत अंतर्गत डोमाचक टोला में सरकारी स्कूल के मध्याह्न भोजन (एमडीएम) से जुड़े विवाद ने खूनी रूप ले लिया। करीब छह हथियारबंद बदमाशों ने एक युवक के घर पर धावा बोलकर ताबड़तोड़ फायरिंग की और उसे दो गोलियां मार दीं। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले अनुमंडलीय अस्पताल मसौढ़ी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घायल की पहचान अरुण कुमार (22 वर्ष), पिता लालबाबू पासवान, निवासी डोमाचक (हरवंशपुर) के रूप में हुई है। बदमाशों ने अरुण के दोनों पैरों को निशाना बनाया। एक गोली उसकी जांघ में और दूसरी घुटने के नीचे लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
घायल की पत्नी मुस्कान कुमारी ने बताया कि कुछ दिन पहले आदर्श मध्य विद्यालय, चाननपुर में एमडीएम का सामान लेकर पहुंचे वाहन चालक के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की थी। उस दौरान अरुण ने बीच-बचाव कर चालक को बचाया था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे रंजिश रखने लगे थे। गुरुवार शाम करीब छह हथियारबंद युवक उनके घर पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद अरुण को निशाना बनाकर दो गोलियां मार दीं और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। गोली चलने की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिजनों की चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही लहसुना थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास से एक लावारिस बाइक बरामद हुई है, जिसे बदमाश भागने के दौरान छोड़ गए। पुलिस बाइक के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक की पहचान करने में जुटी है। घटनास्थल से अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
मामले के अनुसंधानकर्ता मिंटू कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में एमडीएम के भोजन की गुणवत्ता और उससे जुड़े विवाद के दौरान हुए बीच-बचाव को घटना का कारण माना जा रहा है। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
वहीं अस्पताल में उपचाररत अरुण कुमार ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि हमला करने वाले सभी छह युवक नौआबाग गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी के साथ कोई विवाद किया था। उन्होंने केवल एमडीएम वाहन चालक को बचाने का प्रयास किया था, जिसकी रंजिश में उन्हें निशाना बनाया गया।
घटना के बाद डोमाचक और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस गांव में स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।