नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं कर्मचारी संघ (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन), आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स फेडरेशन (आईफा) तथा सीटू के आह्वान पर शुक्रवार को मांग दिवस के अवसर पर जिले की आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान सेविका-सहायिकाओं ने काला बिल्ला लगाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और जिला पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ की जिला सह राज्य महामंत्री मीना कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाएं वर्षों से अल्प मानदेय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने मांग की कि सेविका-सहायिकाओं का सरकारीकरण किया जाए तथा अन्य राज्यों की तर्ज पर उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेविका-सहायिकाओं को ग्रेच्युटी का लाभ, पेंशन की व्यवस्था, मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि तथा लंबे समय से लंबित बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए। इसके अलावा संगठन की अन्य लंबित मांगों को भी तत्काल पूरा किया जाए।
संघ के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो सेविका-सहायिकाएं चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदर्शन में जिला सम्मानित अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह, सुरदेव पांडे, डॉ. बिनोद, विनय यादव, गुड्डू सिंह, जिला कार्यकारी अध्यक्ष संजू कुमारी, जिला महासचिव गीता कुमारी सहित रूबी कुमारी, बीना सिंह, गीता सिंह, कमला कुमारी, शकुंतला देवी, अर्चना कुमारी, तेतरी देवी, लालती देवी, चंपा देवी, मंजू कुमारी, सुनीता कुमारी, रूबी यादव, प्रेमशिला देवी, अनीता मिश्रा, प्रियंका कुमारी, करुणा निधि, नीलम कुमारी, राधिका देवी, कुमारी सुमन लता, दिव्या कुमारी, रेहाना खातून, रजनी देवी समेत जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाएं उपस्थित थीं।