नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार की प्रक्रिया को और अधिक व्यापक तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण-सह-अंतरविभागीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन 19, 20 और 21 अगस्त 2026 को किया गया।
इस तीन दिवसीय कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के प्रमुख पदाधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य तीनों विभागों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना था, ताकि जमीनी स्तर पर बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों की स्वास्थ्य जांच में सुधार करना था। आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की रूपरेखा बनी।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि यह पहल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर उपचार के लिए महत्वपूर्ण है। विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से बच्चों की स्वास्थ्य जांच व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। सरकार का मुख्य प्रयास आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। परीक्षण के बाद जरूरतमंद बच्चों को समय पर आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, पहचान और उपचार के लिए रेफरल प्रक्रिया की जानकारी दी गई। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के नोडल पदाधिकारी और जिला समन्वयक ने शामिल हुए।
बैठक को तीन चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में बेगूसराय, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल, नवादा, गोपालगंज एवं वैशाली जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। दूसरे चरण में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, जमुई, सारण, बांका, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर एवं समस्तीपुर जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। तीसरे चरण में पटना, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, शेखपुरा, खगड़िया, लखीसराय, भागलपुर, मुंगेर एवं दरभंगा जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की बैठक में तहत बच्चों की समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य चिन्हित बच्चों को केवल जांच तक सीमित न रखकर, उन्हें आवश्यकतानुसार त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के बीच निरंतर और मजबूत कॉर्डिनेशन (समन्वय) बनाया जाएगा। इस त्रिकोणीय समन्वय से राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। इस सामूहिक प्रयास से जरूरतमंद और बीमार बच्चों को बिना किसी देरी के समय पर सही इलाज और आवश्यक चिकित्सा लाभ मिल सकेगा।