नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
रक्सौल। फिल्म ‘शोले’ के पानी की टंकी वाले दृश्य की याद दिलाते हुए, एक जुनूनी प्रेमिका ने सीधे मोबाइल टावर पर मोर्चा संभाल लिया। नीचे पुलिस, प्रशासन और तमाशबीनों की भीड़ का जमावड़ा लग गया। चार घंटे तक चले इस क्लाइमेक्स के बाद, आखिरकार मौके पर मौजूद एसएचओ ‘हीरो’ की भूमिका में आए। उन्होंने जैसे ही शादी का पक्का भरोसा दिया, महबूबा ने टावर से नीचे उतरने का फैसला किया। मानो कोई फिल्मी सुखद अंत हो रहा हो। यह पूरा मामला सीमावर्ती शहर रक्सौल का है।
रक्सौल में एक लड़की टावर पर चढ़कर अपने प्रेमिका से शादी करवाने की जिद करने लगी। प्रेमी के पास जाने की जिद में लड़की मोबाइल पर चढ़ गई, जब आसपास लोगों की हुजूम उमड़ी, तो इसकी भनक रक्सौल प्रशासन को लगी। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लड़की को समझाने का प्रयास शुरू किया। काफी समझाने के बाद जब हरैया थाना अध्यक्ष ने लड़की की शादी उसके प्रेमी से कराने का जिम्मा लिया, तो लड़की करीब 4 घंटे बाद टावर से नीचे उतरी।
प्रेम और परिवार के बीच उलझनों के कारण कई बार युवा गलत कदम उठा बैठते हैं। रक्सौल की हालिया घटना इस बात का प्रमाण है कि प्रेम प्रसंग और पारिवारिक असहमतियों को सुलझाने के लिए काउंसलिंग और खुले संवाद की कितनी आवश्यकता है। डर या दबाव के बजाय आपसी बातचीत से ही ऐसे मामलों का समाधान निकाला जा सकता है।
बताया जा रहा है कि लड़की एक महीने पहले अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन और मशक्कत के बाद लड़की को घर लाया था, लेकिन एक महीने बाद ही लड़की प्रेमी के पास जाने के लिए जिद करने लगी और परिजनों पर दबाव बनाने के लिए 25 अगस्त, 2026 दिन मंगलवार की अहले सुबह टावर पर चढ़ गई। हाथों में तेज चाकू से आत्महत्या की बराबर धमकी देती रही।
जरा सोचिए, एक ऊंची मीनार जैसी टावर, नीचे डरी-सहमी भीड़ और ऊपर हवा में खड़ी एक लड़की! हैरया थाना क्षेत्र में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और वे मौके पर दौड़े। नीचे से पुलिस जोर-जोर से चिल्लाकर उसे उतरने को कहती रही, समाजसेवी दुहाई देते रहे, लेकिन लड़की ने जैसे कानों में रुई डाल रखी थी। आखिर वो कौन सा दर्द या मांग थी जिसने उसे इस खतरे से भी बेखौफ कर दिया?
न्याय और कानून की बात करने वाली पुलिस ने मौके की नजाकत देख सारे नियम ताक पर रख दिए। युवती की एक जिद के आगे एसडीओ और दो-दो थानों की पुलिस ने घुटने टेक दिए। खबर में यह सवाल उठाया जा सकता है कि क्या अब हर समस्या का हल सिर्फ टावर पर चढ़कर ही निकलेगा?