अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा सह राष्ट्रीय अतिपिछड़ा-पिछड़ा वर्ग महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की रांची में हुई बैठक
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
रांची। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष एवं अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि समाज के विकास और अधिकारों की प्राप्ति के लिए शिक्षित, संगठित और जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़कर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने का आह्वान किया।
झारखंड दौरे के क्रम में डॉ. प्रेम कुमार ने रांची स्थित खादी ग्रामोद्योग के ट्रायल आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, स्वदेशी और ग्राम स्वराज के विचारों को राष्ट्र निर्माण के लिए आज भी प्रासंगिक बताया।

इसके पश्चात डॉ. प्रेम कुमार ने अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा सह राष्ट्रीय अतिपिछड़ा-पिछड़ा वर्ग महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार, असम एवं झारखंड सहित विभिन्न प्रदेशों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित, संगठित, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अतिपिछड़ा, पिछड़ा एवं समाज के कमजोर वर्गों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “शिक्षित बनें, संगठित रहें और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करें।” समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या के साथ-साथ शिक्षा, संगठन, नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक जागरूकता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में संगठन की गतिविधियों, विस्तार और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श के बाद आवश्यक प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक में विभिन्न प्रदेशों की रिपोर्टिंग, पिछले एक वर्ष के निर्धारित कार्यक्रमों की समीक्षा, प्रदेश प्रभारियों द्वारा किए गए कार्यों एवं उनके उत्तरदायित्व के निर्वहन की समीक्षा तथा आगामी एक वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में झारखंड प्रदेश की नई कमेटी के पुनर्गठन पर भी विचार किया गया। साथ ही संगठन के विरुद्ध कुछ अवांछनीय तत्वों द्वारा किए जा रहे व्यवधानों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संगठन की एकता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय कोष को सुदृढ़ करने, संगठन की आर्थिक व्यवस्था मजबूत बनाने और भविष्य की गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने के मुद्दे पर भी मंथन किया गया।
महासभा के ऐतिहासिक सफर और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय महामंत्री रणविजय रोशन ने कहा कि वर्ष 1906 में स्थापना के बाद से महासभा ने सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन, अधिकार और राजनीतिक जागरूकता के लिए निरंतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए वर्तमान पीढ़ी को अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जगन्नाथ चंद्रवंशी ने दिया। मंच संचालन राष्ट्रीय महामंत्री सुदेश चंद्रवंशी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामनिवास चंद्रवंशी ने किया।
बैठक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रणजीत चंद्रवंशी, लीगल सेल के संयोजक सत्य प्रकाश सिंह, राष्ट्रीय मंत्री मनोज चंद्रवंशी, राष्ट्रीय मंत्री हरे राम सिंह चंद्रवंशी, दक्षिण बिहार प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार चंद्रवंशी, उत्तर बिहार के महामंत्री रघुवंश चंद्रवंशी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता राज सिंह, पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चंद्रवंशी, असम के विजय सिंह चंद्रवंशी, उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष महेश्वर सिंह चंद्रवंशी, सुनील चंद्रवंशी, राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ के महामंत्री राहुल सिंह चंद्रवंशी, ब्रह्मदेव चंद्रवंशी, प्रदेश महामंत्री पप्पू चंद्रवंशी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में विभिन्न प्रदेशों से आए पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने, समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को संगठन से जोड़ने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।