नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
आरा। सोमवार की सुबह पवन सिंह बिलौटी पहुंचे। करीब एक से डेढ़ घंटे तक पवन सिंह ने भरत तिवारी के परिवार से बातचीत की। पवन सिंह ने भरत तिवारी की मां से कहा कि वह जब चाहें उन्हें फोन कर सकती हैं। रक्षाबंधन से पहले भरत तिवारी की बहन ने पवन सिंह की कलाई पर राखी बांधकर अपने भाई के लिए न्याय की मांग की। बहन की पीड़ा देखकर पवन सिंह भावुक हो गए और उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया। पवन सिंह ने परिवार को आश्वस्त किया कि वे भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और पीछे नहीं हटेंगे।
बीजेपी एमएलसी पवन सिंह ने कहा कि राखी के बदले भाई को न्याय दिलाने के लिए मैं हर समय परिवार का सहयोग करूंगा। अंतिम दम तक लड़ाई लड़ूंगा. भरत तिवारी को न्याय मिलकर रहेगा।
पवन सिंह पर भरोसा जताते हुए भरत तिवारी की मां ने कहा कि जमनियां गांव के गरीब आदमी की समस्या को दूर करना भरत तिवारी का सपना था। पवन सिंह मेरे घर के बेटे हैं। मुझे पक्का यकीन है कि पवन सिंह मेरे बेटे को इंसाफ दिलाने का काम करेंगे। भरत तिवारी की मां ने रोते हुए कहा कि बेटे की हत्या के आरोपी पुलिसकर्मियों को फांसी मिलने तक उन्हें सुकून नहीं मिलेगा। पवन सिंह ने कहा कि मैं आपको इंसाफ दिलाउंगा। मैं आपका भरत तिवारी बनूंगा। मैं भरत तिवारी का सपना पूरा करूंगा।
कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत 17 जून 2026 को शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। स्थानीय लोग कहते हैं कि वह बाढ़ पीड़ितों के लिए लड़ता था। घटना से पहले भरत का एक वीडियो सामने आया था। इसमें उसके घर पुलिस मौजूद है और भरत हाथ में पिस्तौल लिए पुलिस वाले को धमका रहा है। इसके बाद एनकाउंटर की खबर आई। पुलिस का आरोप था कि भरत तिवारी गांव में हथियार लहराने और धमकी देने का काम करता था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन वह रुक-रुक कर फायरिंग करता रहा। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इलाज के क्रम में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। इस संवेदनशील मौके पर भाजपा नेता मनोज तिवारी और विधायक आनंद मिश्रा ने भी परिवार से मिलकर अपना समर्थन जताया है।