बेताब अहमद
डेहरी ऑन सोन। रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहन के हाथों में कलाई पर राखी बंधवाने का सपना देखने वाले ढाई साल के मासूम रियांश की खुशियां उस समय पल भर में उजड़ गईं, जब वह काल के गाल में समा गया। एक गुब्बारे (बैलून) ने हंसते-खेलते परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी।
कैमूर जिले से एक मां बाप ने अपने नटखट और प्यारे रियांश को लेकर रोहतास जिला के डालमिया नगर के मनेरी बीघा स्थित मौसी के घर पहुंचे। माता-पिता को क्या पता था कि यह त्योहार उनके जीवन का सबसे बड़ा और कभी न भरने वाला जख्म दे जाएगा। गुरुवार की दोपहर, जहां एक तरफ घर में राखी के जश्न की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ आंगन के बाहर खेल रहा मासूम रियांश एक छोटे से बैलून के पीछे-पीछे मौत के मुंह में जा पहुंचा। बैलून खुले नाले के पास पड़े आरसीसी पाइप में जा फंसा। उसे निकालने की मासूम सी जिद और नासमझी ने उस बच्चे की जान ले ली।
जब वह नाले में गिरा और पाइप के भीतर फंस गया, तो कुछ पलों के लिए तो किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। वक्त बीतता गया और जब रियांश नजर नहीं आया, तो घर में चीख-पुकार मच गई। सीसीटीवी के पन्नों ने जब उस खौफनाक सच्चाई से पर्दा उठाया, तो मां-बाप के पैरों तले जमीन खिसक गई।तत्काल डायल-112 को सूचना दी गई। डालमियानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से चार घंटे तक सांसें थाम देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन चला। ड्रिल मशीन से पाइप काटकर जब उस मासूम को बाहर निकाला गया, तो उम्मीदों की आखिरी किरण भी दम तोड़ चुकी थी।
स्थानीय लोगों ने मौके पर सीपीआर देने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस वाहन से बच्चे को डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचते-दिलासा देते डॉक्टरों ने भी जब मृत घोषित किया, तो मौसी के घर का वह आंगन और रक्षाबंधन का त्योहारी माहौल अंतहीन आंसुओं और सन्नाटे में डूब गया। अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रामलखन सिंह ने पुष्टि की कि ढाई वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हुई है। शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
एक खिलौना, एक खुला नाला और लापरवाही की भेंट चढ़ा यह मासूम, आज पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर रहा है कि आखिर कब तक ऐसे खुले नाले मासूमों की जिंदगी यूंही लीलते रहेंगे।