नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। वेद प्रचार सप्ताह के अंतर्गत शहर के डीएवी पब्लिक स्कूल, दानी बिगहा में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आर्य समाज प्रतिनिधि सभा के मार्गदर्शन तथा आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि उपसभा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में हवन एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कार्यक्रम डीएवी पब्लिक स्कूल बिहार प्रक्षेत्र-एफ के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी विजय कुमार पाठक के निर्देशन में संपन्न हुआ। इसमें बिहार प्रक्षेत्र-एफ के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, वैदिक मंत्रोच्चार एवं देव यज्ञ (हवन) के साथ विधिवत रूप से हुआ। आयोजन का उद्देश्य मानव कल्याण, नैतिक मूल्यों का संवर्धन तथा भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं से जोड़ना था। उद्घाटन अवसर पर वैदिक विद्वानों, विभिन्न विद्यालयों से आए प्राचार्यों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक यज्ञ में आहुतियां देकर विश्व शांति की कामना की।

चित्रकला प्रतियोगिता शुरू होने से पहले विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गान एवं स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। विद्यालय की प्राचार्या अल्पना मिश्र ने अपने संबोधन एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय अधिकारी विजय कुमार पाठक ने कहा कि वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि ज्ञान और सार्वभौमिक कल्याण के शाश्वत स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और चरित्र निर्माण के लिए वैदिक विचारों का प्रचार-प्रसार अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सनातन धर्म की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन जीवन जीने का एक शाश्वत दर्शन है। इसकी मूल भावना उदारता और सर्वसमावेशिता की है, जिसमें ‘वसुधैव कुटुंबकम’ जैसे विचार निहित हैं। उन्होंने आधुनिक एवं डिजिटल युग में संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता और उपयोगिता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत अब केवल पूजा-पाठ और प्राचीन ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रौद्योगिकी, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में भी इसकी उपयोगिता पर व्यापक चर्चा हो रही है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार, डीएवी सेमरा, बिक्रमगंज की प्राचार्या प्रमिला सिंह तथा निर्णायक प्रतिनिधि विक्रम सिंह भी उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैदिक चिंतन चारों वेदों पर आधारित एक प्राचीन ज्ञान परंपरा है, जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में प्राचार्या प्रमिला सिंह, निर्णायक प्रतिनिधि विक्रम सिंह एवं विद्यालय की प्राचार्या अल्पना मिश्र ने विजेताओं को सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से डीएवी नवीनगर की आयुषी सिंह एवं डीएवी तेंदूनी चौक, बिक्रमगंज के सौरभ राज को मिला।
द्वितीय स्थान दयानंद विहार के आठवीं कक्षा के छात्र विभांशु कुमार को प्राप्त हुआ, जबकि तृतीय स्थान डीएवी पब्लिक स्कूल दानी बिगहा की कक्षा सातवीं ‘ए’ की छात्रा सारिका तनवीर ने हासिल किया। सांत्वना पुरस्कार डीएवी नवीनगर की कक्षा सातवीं ‘सी’ की छात्रा डिंपल कुमारी एवं डीएवी दाउदनगर की कक्षा आठवीं ‘बी’ की छात्रा वैष्णवी कुमारी को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
विद्यालय की ओर से सभी प्राचार्यों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए अपराह्न भोजन की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। अंततः शांति पाठ के साथ वेद प्रचार सप्ताह के इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।