बेताब अहमद
मेदिनीनगर, पलामू। नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय में वित्तीय अनुशासन कागजों पर दम तोड़ रहा है। ‘किल करप्शन–क्लिन कैंपस’ अभियान के दूसरे दिन आपसू और एनएसयूआई ने एक ऐसा वित्तीय खेल उजागर किया है, जो बताता है कि सरकारी आदेशों को दरकिनार कर वीसी के रसूख के आगे नियमों की क्या स्थिति है।
नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय में कुलपति के महंगे फोन की खरीद पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है, जिसपर आपसू और एनएसयूआई ने तीखा विरोध जताया है।
झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने 31 जुलाई 2024 को मोबाइल खरीदने की अधिकतम सीमा 60,000 रुपए तय की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर पांकी रोड रेड़मा के अमित टेलीकॉम से वीसी के लिए 76,999 रुपए का वनप्लस 13 (16/512) फोन खरीद लिया।
अंकेक्षण रिपोर्ट ने अतिरिक्त 16,999 रुपए के भुगतान पर सवाल उठाते हुए पैसे वापस लेने या समायोजन करने को कहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह फैसला क्रय और वित्त समिति के निर्णय के तहत हुआ है।
इस प्रेस वार्ता में आपसू और एनएसयूआई ने बताया कि सरकारी सीमा से ज्यादा पैसे किस नियम के तहत दिए गए। क्या समितियों का फैसला सरकार के वित्तीय नियमों से बड़ा है? अतिरिक्त 16,999 रुपए की राशि अब तक वसूली गई या नहीं? इस पूरी खरीद की फाइल को सार्वजनिक करने से विश्वविद्यालय क्यों डर रहा है?
इस प्रेस वार्ता में राहुल कुमार दुबे, अमरनाथ तिवारी, कमलेश कुमार पाण्डेय, राज नेहा चौबे, सानिया अग्रवाल, रिशु राज दुबे और प्रिया प्रजापति एवं अन्य छात्र नेता शामिल रहे।