बेताब अहमद
पटना। पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते किस ओर जा रहे हैं? इस सुलगते सवाल का जवाब तलाशने के लिए आज पटना का बिहार लोक भवन गवाह बनेगा। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में जमी बर्फ कभी पिघलेगी? इसी बेहद संवेदनशील और जरूरी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कूटनीति के दिग्गज एक मंच आ रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हो रहे पूर्व उच्चायुक्त टीसीए राघवन ‘मक्का एकॉर्ड’ के चश्मे से पाकिस्तान और भारत के भावी संबंधों की समीक्षा करेंगे। कूटनीति में रुचि रखने वालों के लिए यह सत्र बेहद अहम होने वाला है।
भारत और पाकिस्तान के बीच बदलते रिश्तों और उनके भविष्य को लेकर आज पटना के पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह के तत्वावधान में बिहार लोक भवन में सुबह 11 बजे से एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त टीसीए राघवन होंगे। ‘मक्का एकॉर्ड, पाकिस्तान और भारत-पाक संबंधों के भविष्य’ विषय पर केंद्रित इस चर्चा में दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों के उतार-चढ़ाव और आने वाले कल की संभावनाओं पर गहरा विश्लेषण किया जाएगा।
भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए एक विशेष कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत के पूर्व उच्चायुक्त टीसीए राघवन को भारत-पाक संबंधों का गहरा जमीनी अनुभव है। वह वर्ष 2013 से 2015 तक पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त और 2003 से 2007 तक उप उच्चायुक्त रह चुके हैं। राघवन सिंगापुर में भी भारत के उच्चायुक्त के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।1982 बैच के इस पूर्व IFS अधिकारी की पहचान एक बेहतरीन इतिहासकार और लेखक के रूप में भी है।
वे एक जाने-माने इतिहासकार हैं, इसलिए उनकी बातों में सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि इतिहास की गहराई भी होगी। इस कार्यक्रम में उनके कूटनीतिक अनुभवों और ऐतिहासिक दृष्टिकोण के जरिए भारत-पाक संबंधों के कई अनछुए पहलुओं पर रोशनी पड़ने की उम्मीद है।