नवबिहार टाइम्स संवाददाता
जपला (पलामू)। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी टेंटा गांव की बेटी संचिता गौड़ ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से गृह विज्ञान विषय में पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि हुसैनाबाद और टेंटा गांव का नाम भी गौरवान्वित किया है। पटना में आयोजित दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की।

संचिता गौड़ हुसैनाबाद प्रखंड के टेंटा गांव निवासी पत्रकार एवं व्यवसायी शालिग्राम तिवारी की पुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही टेंटा गांव सहित पूरे हुसैनाबाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिवार के लोगों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
संचिता के पिता शालिग्राम तिवारी एवं माता नीता तिवारी लंबे समय से पत्रकारिता एवं व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हैं और फिलहाल उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रहते हैं। बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार उत्साहित है।
संचिता की सफलता पर बीएचयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह, समाजसेवी उपेंद्र सिंह तथा पूर्व मुखिया धर्मराज सिंह उर्फ बैरिस्टर सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पीएचडी जैसी उपलब्धि हासिल करना क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणादायक है।
संचिता गौड़ की सफलता ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिवेश की मोहताज नहीं होती। लगन, मेहनत और निरंतर प्रयास के बल पर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी शिक्षा के सर्वोच्च मुकाम तक पहुंच सकती हैं। उनकी उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ टेंटा गांव और पूरे हुसैनाबाद क्षेत्र का मान बढ़ा है।