हाथीदह में खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर बह रही गंगा, हाई फ्लड लेवल से महज 0.56 मीटर नीचे पहुंचा जलस्तर, दो दिनों में तीन फीट की बढ़ोतरी
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मोकामा। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने मोकामा प्रखंड के दियारा इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। गुरुवार को कसहा दियारा और जंजीरा दियारा पंचायत की पूरी आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई। कई घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। वहीं, तेज धार के कारण कसहा दियारा की मुख्य सड़क पर बनी पुलिया के दोबारा धंसने का खतरा मंडरा रहा है।
कसहा दियारा की सड़क पर बनी पुलिया करीब दस दिन पहले ही धंस गई थी। उस समय ईंट और मिट्टी डालकर किसी तरह आवागमन बहाल किया गया था। लेकिन गंगा के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि और पानी की तेज रफ्तार के कारण पुलिया फिर धंसने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया कभी भी पूरी तरह धंस सकती है, जिससे क्षेत्र का आवागमन बाधित हो सकता है।
गुरुवार सुबह कसहा दियारा पंचायत के ग्रामीणों की नींद खुली तो कई घरों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका था। अचानक बढ़े पानी से लोगों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीण जरूरी सामान और मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे हैं।
हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर हाई फ्लड लेवल मार्क 43.52 मीटर से महज 0.56 मीटर नीचे रह गया है। जलस्तर में इसी गति से वृद्धि जारी रही तो करीब 10 इंच की और बढ़ोतरी के बाद वर्ष 2021 के फ्लड लेवल मार्क को पार करने की स्थिति बन सकती है।
हाथीदह में पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा के जलस्तर में 0.47 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वर्ष 2026 में अब तक का सबसे ऊंचा जलस्तर बताया जा रहा है। लगातार दो दिनों में नदी के जलस्तर में करीब तीन फीट की बढ़ोतरी से दियारा क्षेत्रों में खतरा और बढ़ गया है।
जंजीरा दियारा में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। पंचायत के दो वार्डों की करीब 800 की आबादी पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गई है। ग्रामीण अपने घर छोड़कर जरूरी सामान और मवेशियों के साथ प्रखंड मुख्यालय में शरण लेने को मजबूर हैं।
मोकामा अंचलाधिकारी लवली कुमारी के निर्देश पर जंजीरा दियारा में सरकारी नाव भेजकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। प्रभावित लोगों के बीच प्लास्टिक और चूड़ा-मीठा का वितरण किया गया है। साथ ही कम्युनिटी किचेन शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है।
मोकामा प्रखंड के शिवनार पंचायत के वार्ड संख्या 9 और 11 में संगत घाट के आसपास कई घरों पर गंगा कटाव का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, शिवनार गांव के बिचला टोला की मुख्य सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है। इससे कुछ परिवार अपने घरों में ही फंस गए हैं और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब नगर परिषद क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। जलस्तर बढ़ने के कारण नालों के रास्ते गंगा का पानी शहर में प्रवेश करने लगा है। इससे निचले इलाकों में जलजमाव और बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। दियारा क्षेत्रों में लोग अपने घर, सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।