बेताब अहमद
डिहरी ऑन सोन, रोहतास। अगर आप या आपके बच्चे चाट-समोसे और फास्ट फूड के साथ बड़े चाव से सॉस खाते हैं, तो यह खबर आपकी आंखें खोल देगी। डिहरी के टाल बांस रोड झारखंडी मंदिर के पास में प्रशासन ने एक ऐसी फैक्ट्री को पकड़ा है, जहां सॉस को गाढ़ा करने और सड़ने से बचाने के लिए मानकों से कई गुना ज्यादा खतरनाक सिंथेटिक केमिकल और प्रिजर्वेटिव मिलाए जा रहे थे।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। एसडीएम निलेश कुमार के निर्देश पर मंगलवार को डिहरी ऑन सोन के झारखंडी मंदिर स्थित टाल बांस रोड में चल रही ‘लायन किंग टॉप’ नामक नकली सॉस फैक्ट्री पर जोरदार छापामारी की गई। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने पूरी फैक्ट्री को सील कर दिया है। फैक्ट्री की प्रोपराइटर सुषमा कुमारी और उनके पति अशोक कुमार हैं।
छापामारी टीम का नेतृत्व कर रहे कार्यपालक दंडाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जब्त सॉस के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। मौके से कुछ बेहद बदबूदार और आपत्तिजनक रासायनिक पदार्थ भी मिले हैं, जिन्हें तुरंत नष्ट किया जा रहा है।
एसडीएम निलेश कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि “जनता के स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि सॉस में इस्तेमाल होने वाले ये कृत्रिम रंग और केमिकल शरीर में कैंसर, किडनी खराब होना और फूड प्वाइजनिंग जैसी गंभीर बीमारियां पैदा करते हैं। ‘लायन किंग टॉप’ नामक इस फैक्ट्री को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि छापेमारी के दौरान कुछ ऐसे केमिकल भी मिले, जिनसे इतनी तीव्र दुर्गंध आ रही थी कि वहां खड़ा होना मुश्किल था। उन्हीं रसायनों को रिफाइन करके आपके खाने की प्लेट तक पहुंचाया जा रहा था।
लेकिन सवाल यह उठता है कि यह फैक्टरी कब से चल रही थी और अब तक कितने टन ‘कैंसरकारी सॉस’ डिहरी और आसपास के बाजारों में खपाया जा चुका है? प्रशासन की इस कार्रवाई ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश तो कर दिया है, लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि बाजार में सप्लाई हो चुके इस ब्रांड के स्टॉक को भी तुरंत जब्त किया जाए, ताकि किसी मासूम की थाली में यह जहर न परोसा जा सके।