नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
धनबाद। टुंडी प्रखंड के जांताखूंटी पंचायत स्थित गुलियाडीह गांव में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे हाथियों ने 51 वर्षीय पारा शिक्षक ग्रीजा मुर्मू को कुचल दिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड घूम रहा था और लगातार फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ घरों को भी निशाना बना रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खतरे के बावजूद हाथियों को लेकर प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने डीएफओ के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर नाराजगी जताई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएफओ के मौके पर पहुंचने और मुआवजे व सुरक्षा का ठोस आश्वासन मिलने तक शव उठाने से इनकार कर दिया है। फिलहाल मौके पर तनाव का माहौल है और ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
गुलियाडीह गांव में तड़के हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतक ग्रीजा मुर्मू पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। हाथियों के हमले में उनकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से टुंडी और आसपास के इलाकों में हाथियों का झुंड सक्रिय है। ग्रामीणों की ओर से हाथियों के खतरे को लेकर चिंता जताई जा रही थी। अब एक व्यक्ति की मौत के बाद वन विभाग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
टुंडी के गुलियाडीह गांव में हाथियों के हमले में पारा शिक्षक की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं और उनका कहना है कि जब तक मुआवजे और सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।