नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मसौढ़ी, पटना। 20 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित नेउरा-जटडुमरी रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त ने वैधानिक निरीक्षण किया। पूर्वी परिमंडल कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त गुरु प्रकाश ने दानापुर रेल मंडल के अधिकारियों के साथ इस नए ट्रैक की सुरक्षा, सिग्नलिंग और गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के बाद विशेष ट्रेन से स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार कल तक हरी झंडी मिलने की उम्मीद है और 15 अक्टूबर से इस रूट पर नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा नेउरा-जटडुमरी-दनियावां-शेखपुरा नई रेल परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहले चरण में 22.74 किलोमीटर लंबे जटडुमरी-दनियावां रेलखंड का निर्माण पूरा हो चुका है और उस पर ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। दूसरे चरण में जटडुमरी से नेउरा के बीच शेष लगभग 18.2 से 20 किलोमीटर लाइन का निर्माण पूरा किया गया है।

इस नई लाइन के चालू होने से व्यस्त पटना-किउल मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव 20 प्रतिशत तक घट जाएगा। यह लाइनपटना-दानापुर-किउल-झाझा रूट के लिए बाईपास के रूप में काम करेगी। अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा या बक्सर की तरफ से आने वाली हावड़ा जाने वाली मालगाड़ियां पटना जंक्शन नहीं आएंगी, बल्कि नेउरा से जटडुमरी, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा होते हुए शेखपुरा में किउल-गया लाइन में मिल जाएंगी। इस परियोजना से पटना, नालंदा और शेखपुरा के करीब 50 लाख लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। बरबीघा, दनियावां, बिहारशरीफ, जटडुमरी के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
साथ ही पटना जंक्शन पर ट्रेनों की लेट-लतीफी और आउटर सिग्नल पर खड़े होने की समस्या खत्म होगी। रोज 4 से 6 घंटे का समय बचेगा और राजधानी, तेजस, वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों को बिना रुकावट ग्रीन सिग्नल मिलेगा। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चन्द्र ने बताया कि नेउरा-जटडुमरी नई रेललाइन बनकर तैयार है, रेल संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा।