मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर हो सभी का जोर : डॉ. यू. के सिन्हा
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
बोधगया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार की सुबह मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। सम्मेलन के तहत आयोजित इस पहल में आईआईएम बोधगया का सहयोग रहा। पदयात्रा बोधगया आईआईएम से शुरू हुई। पदयात्रा में शामिल सभी लोगों ने हाथों में तख्ती लेकर करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर महाबोधि मंदिर तक पैदल मार्च किया। पदयात्रा में मनोचिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, सम्मेलन के प्रतिनिधि, विद्यार्थी सहित अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करने और मानसिक समस्याओं को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया।

इस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ.यू.के. सिन्हा ने बताया कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना और इस विषय पर खुलकर बातचीत करने के लिए समाज को प्रोत्साहित करना था। आयोजकों की इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना की तरह ही महत्वपूर्ण है। डॉ. यू.के. सिन्हा ने कहा कि स्वस्थ्य समाज के निर्माण के लिए शरीर के साथ-साथ मन का स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता, काम का दबाव, पारिवारिक समस्याएं और विभिन्न सामाजिक परिस्थितियां लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बावजूद कई लोग मानसिक परेशानियों को साझा करने से कतराते हैं। सामाजिक झिझक और लोगों की प्रतिक्रिया का डर भी उन्हें सहायता लेने से रोक सकता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और इस विषय पर सहज वातावरण तैयार करना बेहद जरूरी है।

डा. टीएसएस राव ने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि मानसिक परेशानियों को कमजोरी समझने के बजाय उन्हें समझने और उनका उचित समाधान तलाशने की जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों के साथ बातचीत करना सकारात्मक कदम हो सकता है। जरूरत पड़ने पर योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेना भी महत्वपूर्ण है।
मनोचिकित्सक डा. निष्का सिन्हा ने बताया कि पदयात्रा के जरिए मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्याप्त भ्रांतियों और झिझक को दूर करने और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही समाज में ऐसा सकारात्मक माहौल विकसित करने का संदेश दिया गया, जहां लोग बिना किसी संकोच के अपनी मानसिक परेशानियों को साझा कर सकें और समय पर उचित सहायता प्राप्त कर सकें।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित यह पदयात्रा मानसिक स्वास्थ्य को जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण विषय बनाने की दिशा में एक पहल रही। इसका संदेश स्पष्ट है कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल, आपसी सहयोग और सकारात्मक संवाद के माध्यम से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। मनोचिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, सम्मेलन के प्रतिनिधि, विद्यार्थी शामिल हुए।