वैश्विक स्तर पर 23,864वीं रैंक और भारत में 365वाँ स्थान प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय शोध जगत में बढ़ाया देश का गौरव
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। डॉ. अच्युत शंकर ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका और एल्सेवियर द्वारा जारी विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में लगातार चौथे वर्ष (2023, 2024, 2025 और 2026) स्थान प्राप्त हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इमेज प्रोसेसिंग, नेटवर्किंग और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए उन्हें लगातार चार वर्षों से विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। वर्ष 2026 की उपलब्धि विशेष रूप से ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है। इस वर्ष डॉ. शंकर ने वैश्विक स्तर पर 23,864वीं रैंक और भारत में 365वीं रैंक प्राप्त करते हुए विश्व के शीर्ष 0.5% वैज्ञानिकों में अपना स्थान बनाया है। इससे पहले वर्ष 2025 में उन्होंने विश्व के शीर्ष 1% वैज्ञानिकों की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया था। यह उपलब्धि उनके निरंतर उत्कृष्ट शोध, वैज्ञानिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हुए डॉ. शंकर को वर्ष 2026 में प्रतिष्ठित करियर-लॉन्ग इम्पैक्ट लिस्ट (Career-Long Impact List) में भी शामिल किया गया है। यह सम्मान न केवल उनके हालिया वैज्ञानिक शोध कार्यों को मान्यता देता है, बल्कि वर्षों से अनुसंधान के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान और दीर्घकालिक वैश्विक प्रभाव को भी रेखांकित करता है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर के सहयोग से तैयार किए गए इस प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डेटाबेस में विश्वभर के 2 लाख से अधिक शीर्ष वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है। इस सूची में शोधकर्ताओं का मूल्यांकन वैज्ञानिक प्रकाशनों, उद्धरणों और शोध प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है। वैज्ञानिकों को 22 प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है। इस अंतरराष्ट्रीय सूची में लगातार चार वर्षों तक स्थान प्राप्त करना डॉ. शंकर की शोध उत्कृष्टता और वैज्ञानिक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
डॉ. अच्युत शंकर ने अब तक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और शोध पत्रिकाओं में लगभग 250 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिनमें 180 से अधिक SCI/SCIE शोध पत्र और IEEE/ACM ट्रांजेक्शन्स में 32 से अधिक शोध पत्र शामिल हैं। उनके शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता प्राप्त हुई है। उनके शोध को 7,000 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं, जो वैज्ञानिक समुदाय में उनके कार्यों के प्रभाव को दर्शाते हैं। डॉ. शंकर के प्रमुख शोध क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, 5G/6G संचार तकनीक, इमेज प्रोसेसिंग और स्मार्ट हेल्थकेयर शामिल हैं।
उन्होंने अपने शोध कार्यों के माध्यम से न केवल अत्याधुनिक तकनीकों के विकास में योगदान दिया है, बल्कि विभिन्न उद्योगों और समाज से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में उनके प्रकाशन, वैज्ञानिक उपलब्धियाँ और वैश्विक शोध सहयोग उन्हें कंप्यूटर विज्ञान एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता के रूप में स्थापित करते हैं। लगातार चार वर्षों तक विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना, वर्ष 2025 में शीर्ष 1% से वर्ष 2026 में शीर्ष 0.5% वैज्ञानिकों की श्रेणी तक पहुँचना तथा करियर-लॉन्ग इम्पैक्ट लिस्ट में स्थान प्राप्त करना डॉ. अच्युत शंकर के वैज्ञानिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं। उनकी यह सफलता भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी रेखांकित करती है। डॉक्टर अच्यूत शंकर औरंगाबाद निवासी हैं और ये डीएवी पब्लिक स्कूल के निदेशक स्मृतिशेष डॉ यू एस प्रसाद के सुपुत्र हैं।