नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सुपौल। तेज रफ्तार कार ने बजरंगबली मंदिर के पास झूलन पर्व के दौरान भजन-कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं को रौंद दिया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। सुपौल जिला के के पिपरा थाना क्षेत्र के कटैया गोठ चौक पर मंगलवार की देर शाम झूलन पर्व के दौरान बजरंगबली मंदिर के पास भजन-कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने रौंद दिया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।
दर्दनाक हादसे की खबर आग की तरह फैलते ही ग्रामीणों का सब्र टूट गया। आक्रोशित भीड़ ने सुपौल-निर्मली मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। गुस्साए लोग और पीड़ित परिवार कड़े शब्दों में मांग कर रहे हैं। दोषी चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। आरोपी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिले। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
यह हादसा एनएच-327ई पर कटैया गोठ चौक स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप हुआ। झूलन पर्व को लेकर ग्रामीण मंदिर के पास भजन-कीर्तन कर रहे थे। इसी दौरान पिपरा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही कार अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं के बीच जा घुसी। कार की चपेट में आने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में कटैया पंचायत के वार्ड संख्या 12 निवासी तिलाई दास (65) और राजू दास (50), वार्ड संख्या 15 निवासी सुरेंद्र यादव (45), वार्ड संख्या 11 निवासी भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव तथा वार्ड संख्या 13 निवासी कृष्ण मोहन साह की मौत हो गई। वहीं वार्ड निवासी रामचंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की खबर मिलते ही कटैया पंचायत में मातम पसर गया। पांच लोगों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। धार्मिक आयोजन के दौरान हुए हादसे से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
हादसे की भनक लगते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर इंस्पेक्टर संजय यादव और साइबर डीएसपी शौरभ गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू ने घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने और समझाने का भरपूर प्रयास किया। जिला कलेक्टर डीएम सावन कुमार ने देर रात स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और तहकीकात शुरू कर दी है। प्रशासन अब इन सवालों के जवाब तलाश रहा है कि यह गाड़ी आखिरकार किसके नाम पर रजिस्टर्ड है? हादसे के वक्त वाहन को कौन चला रहा था? यह दुर्घटना किन परिस्थितियों और लापरवाही के कारण हुई?
घटना के बाद लापरवाह चालक अपनी कार समेत मौके से फरार हो गया और वाहन को एक गैरेज में छुपा दिया। गनीमत यह रही कि उस वक्त गैरेज खाली था, वरना एक और बड़ा अनर्थ हो सकता था। पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है।