बेताब अहमद
पटना। जमीन से उठकर बिहार के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय करने वाले जीतन राम मांझी ने अपने जन्मदिन पर जीवन की सच्चाई को बयां किया। अपने 82वें जन्मदिन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद को दिया। उनका यह भावुक होना यह दर्शाता है कि ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी वह अपनी जड़ों और अपनों के दिए हुए संस्कारों को नहीं भूले हैं।
माता-पिता की प्रतिमा के चरणों में केक काटकर उन्होंने यह संदेश दिया कि सफलता चाहे जितनी भी बड़ी हो जाए, अपनी जड़ों और अपनों के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। मांझी जी ने यह संदेश दिया कि जीवन में दिखावे या भगवान की पूजा से बड़ा ‘ईमानदारी से किया गया कर्म’ होता है। उन्होंने बताया कि बिना किसी बड़े सपने या पूर्व योजना के, सिर्फ कठिन परिश्रम और माता-पिता की दुआओं के बल पर वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
जीवन के संघर्षों और हालिया स्वास्थ्य समस्याओं को पीछे छोड़ते हुए उनका यह कहना कि “अभी उनके लिए बहुत समय बाकी है,” समाज को सकारात्मकता और आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता है।