नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। बच्चों की मासूम हंसी कब चीख-पुकार में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। मुजफ्फरपुर के धीरनपट्टी गांव में पतंग लूटने का मामूली खेल खूनी संघर्ष में बदल गया। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने दो बच्चों की जान जोखिम में डाल दी। मुजफ्फरपुर जिले के बेला थाना क्षेत्र के धीरनपट्टी गांव में शनिवार को पतंग लूटने की होड़ में बच्चों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। खेल-खेल में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान प्रतिबंधित और जानलेवा चाईनीज मांझे की चपेट में आने से दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। गनीमत यह रही कि एक बच्चे की गर्दन कटने से बाल-बाल बच गई, जबकि दूसरे का हाथ गंभीर रूप से कट गया।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार धीरनपट्टी इलाके में कुछ बच्चे छतों औ र खुले मैदान में पतंगबाजी कर रहे थे। इसी दौरान एक कटी हुई पतंग को लूटने के लिए दर्जनों बच्चे एक साथ सड़क पर दौड़ पड़े। पतंग पर अपना कब्जा जमाने की होड़ में बच्चों के बीच पहले तू-तू मैं-मैं हुई और फिर देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी आपाधापी और हंगामे के बीच एक बच्चा खतरनाक चाईनीज मांझे के जाल में बुरी तरह उलझ गया। मांझा सीधे उसके गले के पास फंस गया। चीख-पुकार मचने पर जब दूसरे बच्चे ने उसे बचाने का प्रयास किया, तो उसकी हथेलियों में मांझे की तेज धार से गहरी चोट लग गई।
लोगों ने तुरंत पहुंचकर किसी तरह मांझा काटकर बच्चों की जान बचाई। घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायल बच्चों को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के मुताबिक दोनों बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। बेला थाने की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और स्थानीय लोगों ने धड़ल्ले से बिक रहे चाईनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीज मांझा अब मासूमों की जान का दुश्मन बन चुका है। बेला थाना क्षेत्र के धीरनपट्टी में प्रशासन की लाचारी और दुकानदारों की लापरवाही ने दो बच्चों को मौत के मुहाने पर ला खड़ा किया।
अगर समय रहते प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर कड़ाई से रोक नहीं लगी, तो यह खेल किसी दिन बड़ा हादसा बन सकता है। पुलिस और प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए। यह घटना माता-पिता और समाज के लिए एक बड़ा सबक है। बच्चों को जानलेवा मांझे से दूर रखें और इस खतरनाक खेल पर रोक लगाएं।