3 से 8 वर्ष की बच्चियों के प्रवेश से शुरू होगी शिक्षा की अनोखी यात्रा, उच्च शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
रांची। राजधानी रांची में महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को समर्पित एक अनूठी प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई। वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन के तत्वावधान में बरियातू रोड स्थित मिशन कैंपस में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भूमि पूजन और फाउंडेशन स्टोन का अनावरण किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय की अवधारणा की सराहना करते हुए इसे अपने आप में अनूठा बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय के संबंध में जो जानकारी दी गई है, उसके आधार पर विश्व में इस तरह की कोई दूसरी विश्वविद्यालय उनकी जानकारी में नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय की विशेष अवधारणा यह है कि यहां तीन वर्ष से आठ वर्ष आयु तक की बच्चियों को शुरुआती दाखिला दिया जाएगा। यही छात्राएं क्रमशः प्रत्येक कक्षा को पार करते हुए उच्च शिक्षा के स्तर तक पहुंचेंगी और अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार व्यवसाय, व्यापार, उद्यम या सेवा क्षेत्र में स्थापित होकर आत्मनिर्भर बनेंगी।प्रस्तावित विश्वविद्यालय की योजना छात्राओं को बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक निरंतर शैक्षणिक और व्यावसायिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। शिक्षा के साथ छात्राओं को रोजगारोन्मुख और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।
वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. हरिश सांकृत्यायन ने कहा कि इस विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य तैयार करना है। यहां छात्राओं को शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष बनाने के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक एक समग्र शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिससे छात्राएं सर्वांगीण विकास के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
संस्था का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना ही इस विश्वविद्यालय का प्रमुख लक्ष्य होगा। प्रस्तावित संस्थान शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक दक्षता और स्वावलंबन पर विशेष ध्यान देगा। भूमि पूजन और आधारशिला कार्यक्रम के साथ रांची में महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत हुई है।