नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
वैशाली। नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। दिल्ली से पटना एयरपोर्ट उतरते ही उन्होंने सबसे पहले इस हादसे पर गहरा दुख जताया। इसके बाद वे बिना वक्त गंवाए सीधे एनएमसीएच अस्पताल पहुंचे, जहां गंभीर रूप से घायल बच्चों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। राघोपुर में 13 लोगों की जान लेने वाले नाव हादसे को लेकर अब प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट और फिर एनएमसीमच अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। चिराग पासवान ने साफ कहा है कि अगर ग्रामीणों द्वारा नाव की मांग की गई थी और प्रशासन ने उसे समय पर मुहैया नहीं कराया, तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है।
अस्पताल में पीड़ित परिवारों का दर्द साझा करते हुए चिराग पासवान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने मीडिया से कहा, “छोटे-छोटे बच्चों की जान जाना सबसे अधिक पीड़ादायक है। जो चले गए उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन जो अस्पताल में हैं, उन्हें बेहतर इलाज देना हमारी प्राथमिकता है।”
चिराग ने आश्वासन दिया, “यह मामला मेरे संज्ञान में है। मैं खुद राघोपुर जा रहा हूँ ताकि जमीनी हकीकत जान सकूं। अगर प्रशासन की ढिलाई के कारण यह हादसा हुआ है, तो जांच के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए कल ही प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पूरी जानकारी दे दी गई थी।