नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
धनबाद। कोयलांचल धनबाद में एक बार फिर भूधसान की भयावह घटना ने लोगों को दहला दिया है। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर में मंगलवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक जमीन धंसने से कई घर जमींदोज हो गए। बड़े इलाके में जमीन पर गहरी दरारें पड़ गईं। हादसे में दो बच्चों समेत करीब आधा दर्जन महिलाएं घायल हो गईं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई।
बताया जाता है कि सुबह के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंसने लगी। देखते ही देखते इलाके का बड़ा हिस्सा भूधसान की चपेट में आ गया और कई मकान क्षतिग्रस्त होकर जमीन में समा गए। अचानक हुई घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाकर घरों से बाहर निकलने लगे।
हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों में बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से कोयला खनन और भूमिगत गतिविधियों के कारण क्षेत्र की जमीन कमजोर हो चुकी है। लगातार भूधसान की घटनाएं होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित नहीं किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने भूधसान की घटना के लिए राज्य सरकार और बीसीसीएल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान जोखिम में है, लेकिन पुनर्वास और सुरक्षा के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक भूधसान हुआ और देखते ही देखते कई घर जमीन में समा गए। हादसे में एक मासूम की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। लोगों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर बसाने तथा उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना के विरोध और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए आक्रोशित लोगों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा। फिलहाल सिजुआ 10 नंबर इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं और प्रशासन से भूधसान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कर स्थायी समाधान एवं सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।