नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आज गया के हरिदास सेमिनरी स्थित प्रेक्षा गृह में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर के 47 स्थानों पर 51 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेल में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। रेलवे ने विद्युतीकरण, आधुनिक ट्रेनों, स्टेशन पुनर्विकास, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक देश में लगभग 21,801 रूट किलोमीटर रेल लाइन विद्युतीकृत थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर लगभग 69,873 रूट किलोमीटर हो चुकी है। आज भारतीय रेल का लगभग 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि देश में वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का विस्तार हुआ है। यात्रियों को जैविक शौचालय, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, वाई-फाई तथा आधुनिक कोच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में “कवच” ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम को 3100 किलोमीटर से अधिक रूट पर लागू किया गया है, जिससे रेल दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देश के 1337 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए रेलवे का पूंजीगत व्यय लगभग 2.78 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले रेलवे विद्युतीकरण की गति लगभग 1.42 किलोमीटर प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर लगभग 15 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में केवल पांच शहरों में मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध थी, जबकि अब 21 शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। वर्तमान में देश में लगभग 162 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। भारतीय रेल की कुल ट्रैक लंबाई लगभग 1.32 लाख किलोमीटर है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण से पर्यावरण संरक्षण को भी बड़ा लाभ मिला है। इलेक्ट्रिक इंजन से प्रदूषण में लगभग 95 प्रतिशत तक कमी आई है तथा डीजल खर्च में प्रतिवर्ष लगभग 5000 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक 486 किलोमीटर रेल टनल का निर्माण किया गया, जबकि रेलवे की शुरुआत से वर्ष 2014 तक मात्र 125 किलोमीटर रेल टनल का निर्माण हुआ था।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था तथा माल ढुलाई की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ यात्री भारतीय रेल से यात्रा करते हैं और भारतीय रेल भारत के जीवन दर्शन का प्रतीक बन चुकी है।
बिहार में रेलवे विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच राज्य में औसतन 172.6 किलोमीटर नई रेलवे लाइन एवं ट्रैक का निर्माण हुआ, जो पूर्व अवधि की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक है। वर्ष 2025-26 में बिहार को लगभग 10,066 करोड़ रुपये का रेलवे बजट मिला है। राज्य को 115 नई ट्रेनों की सौगात मिली तथा 300 से अधिक ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि गया जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे का अत्यंत महत्वपूर्ण स्टेशन बन चुका है। लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से गया जंक्शन का विश्वस्तरीय पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है, जहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, आधुनिक प्रतीक्षालय, एस्केलेटर, लिफ्ट तथा बेहतर प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं। गया होकर गुजरने वाले रेल मार्गों का पूर्ण विद्युतीकरण हो चुका है, जिससे ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार हुआ है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गया एवं बोधगया अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन केंद्र होने के कारण रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। गया से दिल्ली, पटना, कोलकाता, वाराणसी सहित अन्य महानगरों के लिए बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही प्लेटफॉर्म विस्तार, फुटओवर ब्रिज, डिजिटल सूचना बोर्ड, वाई-फाई, सीसीटीवी एवं सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल आज “नए भारत की आधुनिक जीवन रेखा” के रूप में विकसित हो रही है और रेलवे अब घाटे की नहीं, बल्कि विकास एवं मुनाफे की परियोजना बन चुकी है।