धनरुआ की महिला मानव तस्करी की शिकार, कोटा में बेची गई, मां और दो बेटियां सकुशल बरामद, दो वर्षीय मासूम अब भी लापता
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। धनरूआ थाना क्षेत्र के पभेड़ा गांव की 21 वर्षीय पूजा कुमारी मानव तस्करी गिरोह का शिकार हो गई। पड़ोस की एक महिला ने उसे रोजगार दिलाने का झांसा देकर उसकी तीनों बेटियों के साथ राजस्थान के कोटा ले जाकर बेच दिया। मामले का खुलासा होने के बाद धनरूआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला और उसकी दो बेटियों को सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि उसकी दो वर्षीय तीसरी बेटी अब भी लापता है, जिसकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
धनरूआ थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि पूजा कुमारी का पति राजू गिरी महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पारिवारिक आर्थिक तंगी और पति-पत्नी के बीच विवाद का फायदा उठाते हुए गांव की ही सुशीला देवी ने पूजा को नौकरी दिलाने का लालच दिया। 23 जून को वह पूजा को उसकी तीनों बेटियों के साथ कोटा ले गई, जहां पहले से सक्रिय मानव तस्करी गिरोह के सदस्यों ने महिला और उसकी दो बेटियों का सौदा कर दिया।
कोटा पहुंचने के बाद खरीदार ने पूजा का मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। काफी प्रयास के बाद पूजा ने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से अपनी सास को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही सास ने धनरूआ थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया।
सूचना मिलते ही धनरूआ पुलिस ने सबसे पहले सुशीला देवी को हिरासत में लिया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में पभेड़ा निवासी सुशीला देवी, गया के सैफगंज निवासी सुषमा कुमारी, भोजपुर के सुकरौली निवासी सुनीता देवी एवं उसके पति अनिल राम तथा शिमली निवासी नीलू देवी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल पटना के राजाबाजार इलाके में रहकर एक अस्पताल में काम करते थे और वहीं से मानव तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ की और उन्हें साथ लेकर कोटा जाने की तैयारी शुरू कर दी। कार्रवाई का दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने पूजा और उसकी दो बेटियों को पटना बुला लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने पूजा की सबसे छोटी दो वर्षीय बेटी को पटना में ही एक महिला के पास छोड़ दिया था। आरोपियों ने यह कहकर बच्ची को अलग कर दिया कि तीन बच्चों के साथ महिला काम नहीं कर पाएगी। फिलहाल पुलिस उस मासूम की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1.40 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। धनरूआ थाना में कांड संख्या 434/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं एवं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 81 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि लापता दो वर्षीय बच्ची की बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मानव तस्करी गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है या नहीं। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।