नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत कासमा थाना क्षेत्र के अरथुआ गांव में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक महिला ने अपनी दो मासूम बेटियों के साथ धावा नदी में छलांग लगा दी। गहरे पानी में डूबने से तीनों की मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है।
मृतकों की पहचान अरथुआ गांव निवासी पिंटू चंद्रवंशी की 30 वर्षीय पत्नी सोनी देवी, उनकी तीन वर्षीय पुत्री सुहानी कुमारी तथा 18 माह की पुत्री रानी कुमारी के रूप में हुई है। घटना इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप बहने वाली धावा नदी में हुई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
परिजनों के अनुसार सोनी देवी ने वर्ष 2018 में प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद से ही दांपत्य जीवन में तनाव और पारिवारिक विवाद की स्थिति बनी हुई थी। मृतका की फुआ कुसमी देवी ने आरोप लगाया कि सोनी देवी के साथ अक्सर मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। बताया जाता है कि पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद यह दुखद घटना हुई।
घटना की सूचना मिलने पर रफीगंज अंचल अधिकारी भारतेंदु सिंह तथा कासमा थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने धावा नदी में कथित अवैध उत्खनन पर चिंता जताते हुए कहा कि अत्यधिक खनन के कारण नदी में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे पूर्व में भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह दुखद घटना एक परिवार के टूटने की कहानी के साथ-साथ पारिवारिक विवाद, घरेलू तनाव और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की ओर भी संकेत करती है। गांव में शोक की लहर है और लोग मासूम बच्चियों की असमय मौत पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।