नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
लखीसराय। सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में सभी महिलाएं बताई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए अशोकधाम मंदिर पहुंचे थे। प्रशासन के अनुसार, दो ट्रेनों के रुकने के बाद मंदिर की ओर आने वाली भीड़ अचानक बढ़ गई। इसी दौरान मंदिर परिसर में अप्रत्याशित रूप से भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैरिकेडिंग के पास भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थिति बेकाबू हो गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। लखीसराय सदर अस्पताल में घायलों का इलाज कराया जा रहा है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वाली चार महिलाओं की पहचान हेमलता देवी (55), निवासी हलसी, ललिता देवी, निवासी हलसी, रिंकू देवी (50), निवासी मुंगेर और मनमाला देवी (44), निवासी बड़हिया के रूप में हुई है। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
हादसे की वजह को लेकर शुरुआती तौर पर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में बिजली का खंभा/तार गिरने की घटना और उससे जुड़ी अफवाह के बाद भगदड़ की बात कही गई है, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बैरिकेडिंग के पास भीड़ के अत्यधिक दबाव का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों ने पूरी स्थिति की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की बात कही है।
हादसे के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने मृतकों की पहचान और घायलों के उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना ने सावन की सोमवारी पर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मृतकों के आश्रितों के लिए चार-चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है।