आरपीएफ की कार्रवाई में अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का खुलासा, गिरफ्तार विशाल कुमार पहले सात मामलों में जा चुका है जेल
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) नबीनगर की टीम ने शनिवार को नबीनगर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस के साथ झारखंड के दो युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवकों की पहचान गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र के नारायणपुर निवासी विशाल कुमार (25 वर्ष) और भौनाथपुर थाना क्षेत्र के बनखेता अरसली वार्ड-3 निवासी मनीष कुमार यादव (20 वर्ष) के रूप में हुई है। आरपीएफ के अनुसार, दोनों अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोरी गिरोह से जुड़े हैं और चोरी के दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए हथियार रखते थे।
आरपीएफ निरीक्षक राम विलास राम के नेतृत्व में उप निरीक्षक जय प्रकाश प्रसाद, सहायक उप निरीक्षक शिव शंकर सिंह यादव, आरक्षी संतोष कुमार मिश्रा एवं आरक्षी शैलेश कुमार शर्मा की टीम नबीनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 2/3 पर आपराधिक गतिविधियों की निगरानी और जांच कर रही थी। इसी दौरान दोनों युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। उनके कंधे पर पिट्ठू बैग था। पूछताछ के दौरान वे बैग में कुछ भी नहीं होने की बात कहने लगे। संदेह होने पर जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें भगवा रंग के गमछे में लिपटा एक लोहे का देशी कट्टा और काले रंग की प्लास्टिक में रखे 8 एमएम/केएफ अंकित दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
आरपीएफ के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे झारखंड के आसपास के राज्यों से मोटरसाइकिल चोरी करते हैं। चोरी के दौरान पकड़े जाने की आशंका होने पर बचाव के लिए हथियार रखते हैं और जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल कर भाग निकलते हैं।
इसके बाद आरपीएफ टीम ने विधिवत जब्ती सूची तैयार कर देशी कट्टा और दोनों कारतूस जब्त कर लिए। दोनों आरोपितों को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराते हुए निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का पालन कर गिरफ्तार किया गया।
आरपीएफ के अनुसार, गिरफ्तार विशाल कुमार पूर्व में मोटरसाइकिल चोरी से जुड़े सात मामलों में जेल जा चुका है। उसके विरुद्ध वर्ष 2022 में चार तथा वर्ष 2025 में दो सहित कुल सात मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें चोरी, चोरी की संपत्ति रखने और उससे संबंधित धाराओं के मामले शामिल हैं।
आरपीएफ निरीक्षक राम विलास राम के लिखित शिकायत पत्र के साथ जब्त देशी कट्टा, कारतूस और दोनों गिरफ्तार आरोपितों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेल थाना सोननगर को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे स्टेशन पर आपराधिक गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षा जांच की प्रभावशीलता सामने आई है।