स्टेज-दो के बनने पर पूर्वी भारत का सबसे बड़ा बिजली संयंत्र हो जायेगा नबीनगर प्रोजेक्ट : एल. के. बेहेरा
कमल किशोर
औरंगाबाद। विश्व की अग्रणी बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल एनटीपीसी लिमिटेड की औरंगाबाद जिले स्थित नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना बिहार की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है। आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए परियोजना का बड़े स्तर पर विस्तार भी किया जा रहा है।

परियोजना प्रमुख एल.के. बेहेरा ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना वर्तमान में बिहार को करीब 1600 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा रही है, जो राज्य की कुल बिजली आवश्यकता का 25 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि बिहार में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजना के स्टेज-2 के तहत विस्तार कार्य तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विस्तार योजना के अंतर्गत यहां 800-800 मेगावाट की तीन नई इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इन इकाइयों से कुल 2400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, जिसमें से 1500 मेगावाट बिजली बिहार को उपलब्ध कराई जाएगी। श्री बेहेरा ने कहा कि परियोजना की चौथी इकाई से मार्च 2029 तक बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है, जबकि शेष दो इकाइयां छह-छह माह के अंतराल पर चालू होंगी।

उन्होंने जानकारी दी कि स्टेज-2 के निर्माण पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के विस्तार कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष 30 मई को किया था।
एल.के. बेहेरा ने कहा कि परियोजना का विस्तार पूरा होने के बाद यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा बिजली संयंत्र बन जाएगा तथा देश की दूसरी सबसे बड़ी बिजली परियोजना होगी।

रोजगार के क्षेत्र में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। परियोजना प्रमुख ने बताया कि स्टेज-2 के निर्माण कार्य के दौरान और इसके बाद करीब 4 से 5 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी गई है, जबकि शेष तकनीकी एवं अभियंत्रण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ बिहार सहित अन्य राज्यों से हैं। श्री बेहेरा ने बताया कि स्टेज-दो में एयर कूल्ड कंडेंशर सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा जिससे पानी की खपत अत्यंत कम हो जाएगी। तीनों नई इकाइयां अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होंगी जहां उच्च तापमान और दबाव के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जाएगा जिससे थर्मल एफिशिएंसी में और वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस परियोजना को करीब 800 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। साथ ही एनटीपीसी लिमिटेड बिहार को सर्वाधिक जीएसटी उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में शामिल है।
परियोजना प्रमुख ने यह भी बताया कि झारखंड की विभिन्न कोयला खदानों से कोयला लाने के लिए रेलवे को प्रतिवर्ष 400 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भाड़ा मद में किया जा रहा है। वहीं पिछले वर्ष परियोजना ने 12,932 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक निगमित दायित्व के तहत कंपनी ग्रामीण विकास की दर्जनों योजनाओं का संचालन कर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का कार्य भी कर रही है।
श्री बेहेरा ने बताया कि यह पावर प्लांट अपने सीएसआर, आर एंड आर एवं सीडी के माध्यम से 22 से अधिक गांवों में विकास को गति प्रदान कर रहा है। इस परियोजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत सुविधाओं एवं कौशल विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए हैं। अपने निरंतर प्रयासों से एनटीपीसी नबीनगर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई कहानी गढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि 2 जून से एनटीपीसी नबीनगर अपने नैगमिक सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण अभियान का आयोजन करने जा रहा है। इस वर्ष अभियान के अंतर्गत बारुण एवं नबीनगर प्रखंड के सरकारी विद्यालयों से चयनित 60 छात्राओं को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जिसमें गणित, अंग्रेजी, हिंदी आदि विषय शामिल होंगे। नियमित शिक्षा के साथ-साथ छात्राओं को कराटे, योग, कंप्यूटर एवं अन्य प्रशिक्षण भी प्रदान किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता में महाप्रबंधक (परिचालन एवं अनुरक्षण) अनिल कुमार टी.सी., महाप्रबंधक (परियोजना) राकेश शर्मा, महाप्रबंधक (एडीएम) मनोरंजन पाणिग्रही, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ओंकारनाथ तथा जनसंपर्क कार्यपालक अतुल नाथ झा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।