नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। गौरेश्वर नारायण सिंह टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, चंद्रगढ़ (नवीनगर) में सोमवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी के आदेशानुसार बी.एड. सत्र की कक्षाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन एवं व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सचिव पंकज कुमार सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक बनने के लिए अनुशासन, नियमित उपस्थिति और सतत अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित होकर अपने संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा ने प्रशिक्षुओं को नई शिक्षा नीति-2020 की विशेषताओं एवं उसके उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों में नवाचार, कौशल विकास और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देती है तथा भविष्य के शिक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाती है।
कार्यक्रम में शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन सिंह, एस. पी. सिन्हा, एमबीए विभागाध्यक्ष बहादुर भीम सिंह, नागेंद्र कुमार सिंह एवं अमित कुमार सिंह सहित कई शिक्षाविदों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य दिलीप कुमार सिंह ने किया। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन एवं प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी देते हुए सभी प्रशिक्षुओं से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. महेंद्र कुमार यादव, डॉ. सौरभ सिंह, सुशील कुमार, पंकज कुमार, अमित गुप्ता, सुनील सिंह, शिकेश सिंह, विपिन मिश्रा, विनय सिंह, प्रफुल्ल सिंह, विकास सिंह सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।