नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गयाजी। आगामी विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर गयाजी में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की जा रही तैयारियों का बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार को गयाजी रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने रेलवे एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, होल्डिंग एरिया, टिकट काउंटर तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि गयाजी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में स्टेशन पर सात प्लेटफॉर्म तैयार हैं। तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगभग 30 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाला आधुनिक होल्डिंग एरिया तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि यात्रियों को टिकट लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए 10 टिकट काउंटर के साथ अतिरिक्त टिकट काउंटरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 7 एटीवीएम मशीन तथा 3 एमयूटीएस मशीन लगाए गए हैं। इससे पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को टिकट लेने में सुविधा मिलेगी और स्टेशन पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला को लेकर जिला प्रशासन द्वारा भी व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक जनसुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 80 हजार तीर्थयात्री ट्रेन के माध्यम से गयाजी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे द्वारा तीन अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही दो अतिरिक्त मेमू ट्रेनें भी तैयार रखी गई हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार चलाया जाएगा।
श्रद्धालुओं की भीड़ को गयाजी रेलवे स्टेशन पर कम करने के उद्देश्य से पुनपुन घाट एवं अनुग्रह नारायण हाल्ट पर ट्रेनों का ठहराव भी निर्धारित किया गया है। इससे यात्रियों को वैकल्पिक स्थानों पर उतरने की सुविधा मिलेगी और गयाजी रेलवे स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम होगा।
सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए आरपीएफ के 200 जवान एवं सीआरपीएफ के 200 जवान तैनात किए गए हैं। एक शिफ्ट में लगभग 60 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी। स्टेशन परिसर में भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण पर्व है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां अपने पितरों के मोक्ष एवं तर्पण के लिए आते हैं। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को गयाजी पहुंचने से लेकर पिंडदान एवं वापस लौटने तक बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और सुगम यातायात उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला के दौरान रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, स्वास्थ्य सुविधा, शौचालय, सुरक्षा एवं यात्री सहायता केंद्र की व्यवस्था निरंतर प्रभावी रूप से सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।