– वर्दी का खौफ ऐसा कि बिना पहचान पत्र ही असली पुलिस बन गई फर्जी IPS ट्रेनी का मोहरा
बेताब अहमद
औरंगाबाद। बिहार राज्य के औरंगाबाद में इन दिनों फिल्मी कहानियां हकीकत का रूप ले रही हैं। आमतौर पर ठग जनता को चूना लगाते हैं, लेकिन यहाँ एक शातिर दिमाग ने सीधे ‘खाकी’ को ही अपने जाल में फंसा लिया। जनाब ने खुद को ट्रेनी IPS (प्रशिक्षु आईपीएस) बताया, नगर थाने को रौबदार आवाज में फोन घुमाया और पुलिस बल की मांग कर डाली। असली पुलिस भी ‘साहब’ के आदेश को टाल नहीं सकी और तुरंत उनके साथ कदमताल करने निकल पड़ी। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्म के सीन से कम नहीं था।
नगर थाना पुलिस के अनुसार, फर्जी IPS ने थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताया था। उसने एक मामले में छापेमारी के लिए पुलिस बल मांगा। उसकी बात पर भरोसा करते हुए नगर थाना से गश्ती दल को उसके साथ भेज दिया गया। फर्जी आईपीएस असली पुलिसकर्मियों को लेकर जसोइया मोड़ पहुंच गया और धड़ल्ले से गाड़ियों की चेकिंग शुरू कर दी। सब्जी व्यापारियों से लेकर टेंपो यात्रियों तक, सब इस ‘कड़क अफसर’ के सामने सहमे खड़े थे। हालांकि, जब तक पुलिस को इस खेल की भनक लगती, ‘मुख्य किरदार’ (फर्जी आईपीएस) चकमा देकर रफूचक्कर हो चुका था। फिलहाल पुलिस ने उसके ड्राइवर समेत दो सहायकों को दबोच लिया है और उनकी स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है। अब असली पुलिस उस ‘फर्जी साहब’ को ढूंढ रही है जिसने उन्हें ही ड्यूटी पर लगा दिया था।
जांच के दौरान हरिहरगंज थाना क्षेत्र के आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि के अलावा नबीनगर थाना क्षेत्र के गोसाइडीह गांव निवासी अजय कुमार से भी पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद अजय कुमार को छोड़ दिया गया। आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि को फर्जी IPS ने अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया। इसके बाद अजय कुमार को पूरे मामले पर संदेह हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
एसपी के निर्देश पर पुलिस ने चौकसी बढ़ाई और एरका चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी के ड्राइवर पिंटू कुमार और कुंदन कुमार को दबोच लिया, साथ ही स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त कर ली। गिरफ्तार चालक की पहचान झारखंड के डाल्टेनगंज निवासी पिंटू कुमार के रूप में हुई है। एक अन्य गिरफ्तार आरोपी कुंदन कुमार पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस अब मुख्य फर्जी IPS और उसके पूरे गिरोह की तलाश में छापेमारी कर रही है। हालांकि, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड (फर्जी आईपीएस) पुलिस को गच्चा देकर भागने में सफल रहा। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।