नक्सलियों से मुकाबले के लिए बनी ‘पांडव सेना’ बाद में बन गई खूंखार आपराधिक गिरोह
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। मगध क्षेत्र में करीब तीन दशक तक दहशत का पर्याय रहे ‘पांडव गिरोह’ के सरगना और बिहार पुलिस के 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी संजय सिंह को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार सुबह बिहटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। वह दिल्ली से लौट रहा था। बिहटा थाना में दर्ज एक मामले में उसकी तलाश थी। थाना प्रभारी अमित कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
संजय सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही उसके 27 वर्षों से चले आ रहे आपराधिक सफर पर विराम लग गया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही धनरूआ थाना क्षेत्र के नीमा गांव में दिनभर इसी की चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने इसे इलाके में शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पांच युवकों ने बनाई थी ‘पांडव सेना’
90 के दशक के अंतिम वर्षों में नीमा गांव के संजय सिंह, चित्तरंजन शर्मा, बबलू सिंह, अशोक सिंह और विपिन शर्मा ने नक्सलियों का मुकाबला करने के उद्देश्य से ‘पांडव सेना’ का गठन किया था। शुरुआत में यह संगठन गांव की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक संगठित आपराधिक गिरोह में बदल गया। इसके बाद हत्या, रंगदारी, अपहरण और हथियारबंद वारदातों की घटनाओं से पूरे मगध क्षेत्र में इसका खौफ फैल गया।
गैंगवार में खत्म होते गए साथी
वर्ष 2003 में झारखंड के गढ़वा में बबलू सिंह और अशोक सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि विपिन शर्मा की मौत ट्रैक्टर दुर्घटना में हो गई। 2004 तक गिरोह में केवल संजय सिंह और चित्तरंजन शर्मा ही बचे थे।
इसी वर्ष झारखंड के हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय के पोते एवं अधिवक्ता प्रशांत सहाय की हत्या के बाद गिरोह में फूट पड़ गई। संजय सिंह को संदेह था कि चित्तरंजन शर्मा ने पुलिस को उसकी जानकारी दी है। इसके बाद दोनों गुटों के बीच खूनी गैंगवार शुरू हो गया।
बदले की आग में कई हत्याएं
26 अप्रैल 2020 को धनरूआ के नदवां रेलवे स्टेशन के पास संजय सिंह पर हमला हुआ, जिसमें उसे तीन गोलियां लगी थीं। इसके प्रतिशोध में 26 अप्रैल 2022 को जहानाबाद में चित्तरंजन शर्मा के चाचा अभिराम शर्मा और मसौढ़ी में भतीजे दिनेश शर्मा की हत्या कर दी गई। जवाबी कार्रवाई में 27 मई 2022 को नीमा गांव के सुधीर कुमार की हत्या हुई, जो संजय सिंह का करीबी था। इसके चार दिन बाद 31 मई 2022 को पटना के पत्रकारनगर में चित्तरंजन शर्मा के दो भाइयों गौतम शर्मा और शंभू शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
बिहार-झारखंड में 26 आपराधिक मामले
संजय सिंह के खिलाफ मसौढ़ी, धनरूआ, पुनपुन सहित बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट समेत 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिहार पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
ग्रामीणों का कहना है कि 27 वर्ष पहले पांच युवकों द्वारा शुरू हुई हिंसा की कहानी अब समाप्त होती दिख रही है। एसटीएफ की इस कार्रवाई से मगध के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है।