नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य एवं शहर के लंगरटोली स्थित दूबे क्लिनिक के निदेशक डॉ. सुनील कुमार दूबे (गुप्त एवं यौन रोग विशेषज्ञ) ने कहा है कि दूबे क्लिनिक में सेक्स समस्याओं का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का इलाज होता है। उन्होंने आगे कहा कि दूबे क्लिनिक आइएसओ प्रमाणित है। यहाँ इलाज के अतिरिक्त बीमारियों पर डॉक्टरों की टीम लगातार शोध करती है। दवाएँ वह अपनी देखरेख में विशुद्ध जड़ी-बूटियों, रस-रसायन एवं भष्मों से बनवाते हैं जिनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। यहाँ तक कि मधुमेह, हृदयरोग एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज भी इनका बेधड़क इस्तेमाल कर सकते हैं। दूबे क्लिनिक लगातार 50 वर्षों से आयुर्वेद के क्षेत्र में सक्रिय है। लाखों मरीज यहाँ से स्वस्थ होकर सुखी पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
डॉ. दूबे ने आगे कहा कि गुप्त एवं यौन रोगों का इलाज आज एक बड़े बाजार के रूप में परिवर्तित हो गया है। इलाज के नाम पर गलत ढंग से लोगों का इलाज किया जा रहा है। गुप्त एवं यौन रोगों के बारे में काफी भय एवं गोपनीयता बरती जाती है। इसलिए इस संबंध् में काफी भ्रांतियाँ भी है। डॉ. दूबे ने आगे कहा कि भ्रांतियों का प्रमुख कारण झोला छाप डॉक्टर एवं फर्जी सेक्सोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें गुप्त एवं यौन रोगों के कारणों की पर्याप्त जानकारी ही नहीं होती है। वैसे भी सेक्स भारत में एक वर्जित विषय है, जिसके बारे में खुलेतौर पर कोई चर्चा नहीं की जाती है। इसी कारण से सेक्स के संबंध में आम लोगों के बीच प्रमाणिक जानकारी का अभाव है।
दूसरी ओर आधुनिक जीवन शैली, मधुमेह, शराब एवं मादक पदार्थों का सेवन, तनाव, हृदय रोग, काम का अत्यधिक दबाव, धूम्रपान एवं उचित खानपान के अभाव में बहुत सारे लोग विभिन्न प्रकार के सेक्स समस्याओं से पीड़ित हैं। शर्म के कारण ऐसे लोग अपनी समस्या के बारे में न तो किसी को कुछ बताते हैं और न चिकित्सक से सम्पर्क करते हैं। नीम-हकीम एवं झोला छाप डॉक्टरों के चक्कर में अपना पैसा और स्वास्थ्य दोनों बर्बाद करते हैं।
डॉ. दूबे ने आगे कहा कि इस संबंध् में इंटरनेट पर जानकारी उपलब्ध है, लेकिन सही जानकारी के साथ ही गलत और भ्रामक जानकारियाँ भी उपलब्ध है। आम आदमी यह तय ही नहीं कर पाता कि इनमें से कौन सी जानकारी सही एवं कौन-सी गलत है।