आगामी चैती छ्ठ मेला 2026 के तैयारी एवं विधि व्यवस्था के मद्देनजर बैठक आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के अध्यक्षता में आगामी चैती छ्ठ मेला 2026 के तैयारी एवं विधि व्यवस्था के मद्देनजर समाहरणालय के योजना भवन के सभाकक्ष में सभी जिला स्तरीय एवं देव प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
सर्वप्रथम बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारीयों एवं सदस्यों को जिला पदाधिकारी ने संबोधित करते हुए बताया कि जिले के देव प्रखंड में पौराणिक सूर्य मंदिर होने के कारण आस्था का पर्व छठ बड़े ही श्रद्धा भक्ति एवं आस्था के साथ मानाया जाता है जिसकी ख्याति दूर-दूर तक सुनने को मिलती है। यहां लाखों की संख्या में अन्य जिले एवं दूर दराज क्षेत्रों से तथा राज्य के बाहर के व्रतियों छठ व्रत करने आते हैं। देव मेला के सफल आयोजन में मेला क्षेत्र में विधि व्यवस्था बनाए रखने एवं श्रद्धालु भक्तों को समुचित सुविधा प्रदान करने की स्थानीय लोगों की भागीदारी भी अपेक्षित है।

बैठक में जिला पदाधिकारी ने बताया कि देव चैती छठ मेला का आयोजन दिनांक 22 मार्च से 25 मार्च, 2026 तक किया जाएगा। इस अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं एवं व्रतियों का आगमन होगा, जिसके दृष्टिगत समुचित तैयारी एवं विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छठ मेला का उदघाटन प्रभारी मंत्री जिला औरंगाबाद एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार पटना को आमंत्रित किया जाएगा।
व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के आवासन हेतु मेला क्षेत्र में कुल 5 स्थलों को चिन्हित किया गया है। इनमें राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय के पश्चिम का भाग, थाना परिसर के समीप, संत विजय दास धर्मशाला बहुआरा मोड, सूर्यकुंड तालाब के पूर्व एवं हाजी नगर के पूर्व मस्जिद रोड के पास शामिल हैं। इन स्थलों पर टेंट, पंडाल, लाइटिंग, जनरेटर, दरी आदि की संपूर्ण व्यवस्था बीआरबीसीएल नबीनगर, एनपटीपीसी नबीनगर, श्री सीमेंट औरंगाबाद, पंजाब नेशनल बैंक औरंगाबाद, भारतीय स्टेट बैंक औरंगाबाद, इंडियन बैंक औरंगाबाद, आईसीआईसीआई बैंक औरंगाबाद, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक औरंगाबाद औरंगाबाद एवं अंचल अधिकारी औरंगाबाद के सहयोग से कराई जाएगी।
मेला परिसर के चिन्हित स्थलों पर बैरिकेडिंग एवं ड्राप गेट स्थलों को चिन्हित कर कल 48 स्थान पर ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि कहां-कहां बैरिकेडिंग एवं ड्राप गेट बनाना है इसकी समीक्षा कर ड्रॉप गेट निर्माण करना सुनिश्चित करेंगे। देव के आसपास जोड़ने वाले सभी मार्गों की मरम्मति कार्य तत्काल पूर्ण करने हेतु संबंधित कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सभी मार्गों को दुरुस्त करना अनिवार्य है।
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, विशेषकर महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमणों को चिह्नित कर अभिलंब हटाने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। विधि व्यवस्था प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी औरंगाबाद एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी औरंगाबाद को दायित्व सौंपा गया है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया है कि बंद पड़े चापाकलों की मरम्मती की जाए तथा मेला अवधि में 24 घंटे पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर टैंकर की व्यवस्था भी की जाएगी।
चिकित्सा सुविधा हेतु सिविल सर्जन औरंगाबाद को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किया जाए। आकस्मिकता की स्थिति से निपटने हेतु कुल 7 एंबुलेंस, स्ट्रेचर, पर्याप्त जीवनरक्षक औषधियाँ तथा महिला एवं पुरुष विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। मेला अवधि में वाहनों की भारी आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जिला परिवहन पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी को दायित्व सौंपा गया है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित कर वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मेला क्षेत्र में अग्निशामक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया है। छठ पर्व की अवधि में सूर्यकुंड के समीप 2, थाना के समीप 2 तथा ब्लॉक परिसर के समीप 1 अग्निशमन वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न आवासन स्थलों पर भी अग्निशमन वाहनों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम को प्रतिनियुक्त करने हेतु आपदा प्रबंधन विभाग से अनुरोध किया जाएगा। दोनों सूर्यकुंड तालाबों के पास पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, गोताखोर, जाल एवं अन्य सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जाएगी।
मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों, सूर्य मंदिर के गर्भगृह एवं अर्घ्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, मेला क्षेत्र में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी, जिसमें एक दंडाधिकारी एवं एक पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। नियंत्रण कक्ष में आवश्यकता अनुसार वालंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स की भी प्रतिनियुक्ति होगी। बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारीयों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने स्तर से समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि देव चैती छठ मेला 2026 का आयोजन सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपार समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, अपार समाहर्ता जिला लोक शिकायत निवारण जयप्रकाश नारायण, अपर समाहर्ता विशेष शाखा मोहम्मद सादुल हसन खा, सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उपसमाहर्ता बेवी प्रिया, रितेश कुमार यादव सहित सभी विभागों के कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी देव, अंचलाधिकारी देव, मंदिर न्यास समिति के सदस्य एवं जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।