नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज मुख्य सचिव, बिहार सरकार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से औरंगाबाद जिला के विकास एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। समीक्षा में उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, आधारभूत संरचना एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में UAPA के कुल 145 मामले लंबित हैं, जिनकी जांच एवं अभियोजन की प्रक्रिया सतत रूप से प्रगति पर है। इन मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुदृढ़ीकरण के तहत मोबाइल टावर कनेक्टिविटी (Phase-I एवं Phase-II) के अंतर्गत कुल 40 टावर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क सुविधा में सुधार हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच
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स्वास्थ्य उपकेंद्रों की संख्या 247 से बढ़कर 305 हो गई है,
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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या 186 से बढ़कर 218 हो गई है,
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सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) की संख्या 72 से बढ़कर 131 हो गई है।
इसके साथ ही जिले में पूर्ण टीकाकरण कवरेज (Full Immunization Coverage) 94% दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार का परिचायक है।
वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी जिले का प्रदर्शन उल्लेखनीय है। औरंगाबाद जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात 48.6% दर्ज किया गया है।
समीक्षा के दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्वास्थ्य कर्मियों (ANM/अन्य स्वास्थ्य कर्मी) की प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर बल दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्य सचिव द्वारा विकास को गति देने हेतु निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए—
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उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में उद्योग, निजी महाविद्यालय एवं एएनएम कॉलेज की स्थापना हेतु विशेष प्रोत्साहन (Incentives) प्रदान किए जाएं।
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क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं रेल नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” जैसी योजनाओं के माध्यम से खेल एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सहभागिता बढ़ाई जाए।
जिला प्रशासन द्वारा आश्वस्त किया गया कि सुरक्षा एवं विकास के समन्वित प्रयासों के माध्यम से औरंगाबाद को पूर्णतः उग्रवाद मुक्त एवं विकासशील जिला बनाने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है।