नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। देशरत्न राजेन्द्र प्रसाद शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में विज्ञान उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्पण के साथ हुआ, जो ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार के प्रतीक के रूप में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त वरिष्ठ पदाधिकारी विजय प्रकाश ने विज्ञान के बहुआयामी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की वैज्ञानिक दृष्टि है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तर्कशीलता और नवाचार की भावना का विकास ही उन्हें वास्तविक अर्थों में वैज्ञानिक बनाता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में वैज्ञानिक सोच का विकास अत्यंत आवश्यक है, ताकि समाज अंधविश्वास, रूढ़िवादिता और भ्रांतियों से मुक्त होकर तार्किक, प्रगतिशील और सृजनशील दिशा में आगे बढ़ सके। वैज्ञानिक दृष्टिकोण व्यक्ति को समस्याओं का समाधान खोजने, प्रमाण आधारित निर्णय लेने और समाज के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत सहायक प्रोफेसर मंजरी चौधरी ने किया। प्रशिक्षुओं ने स्वागत गीत एवं बिहार विद्यापीठ गीत की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
मंजरी चौधरी ने विज्ञान विषय पर अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया। वहीं सहायक प्रोफेसर चन्द्रकांत आर्य ने गौहर रज़ा की पुस्तक ‘मिथकों से विज्ञान तक’ के अंशों का सजीव वाचन कर पृथ्वी की संरचना एवं वैज्ञानिक तथ्यों को सरल और रोचक शैली में प्रस्तुत किया।
विज्ञान उत्सव का मुख्य आकर्षण प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार 18 वर्किंग मॉडलों की प्रदर्शनी रही। इनमें स्मार्ट डस्टबिन, डिजास्टर मैनेजमेंट, हाइड्रोलिक पंप, वॉटर साइकिल, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, स्मार्ट सिटी के लिए पास्कल लॉ, ओम लॉ, ड्रोन, वॉटर प्यूरीफायर और चंद्रयान जैसे मॉडल प्रमुख रहे।
इन मॉडलों के माध्यम से दैनिक जीवन से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू में समाहित है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों में रचनात्मकता, प्रयोगधर्मिता और नवाचार की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम बनी।
कार्यक्रम के अंत में सहायक प्रोफेसर विकाश कुमार ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डी.एल.एड. की प्रशिक्षु गायत्री सिंह ने कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
संपूर्ण कार्यक्रम का सफल समन्वयन विज्ञान संकाय के सदस्य डॉ. शादमा शाहीन एवं विकाश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर बिहार विद्यापीठ के सचिव डॉ. राणा अवधेश, वित्त मंत्री नीरज सिन्हा, निदेशक शिक्षा संस्कृति एवं संग्रहालय डॉ. मृदुला प्रकाश, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम वर्मा, संयुक्त सचिव डॉ. अवधेश कुमार नारायण, निदेशक श्यामानंद चौधरी, ए.आई.सी. के सी.ओ.ओ. प्रमोद कर्ण, पूर्व वित्त मंत्री विवेक रंजन, महाविद्यालय के शिक्षकगण, प्रशिक्षुगण एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
यह विज्ञान उत्सव वैज्ञानिक चेतना के प्रसार, तार्किक सोच के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।