नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। धनरूआ थाना क्षेत्र के छाती पंचायत अंतर्गत आश्रयपुर गांव में शादी समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से चार साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना मंगलवार सुबह की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डोमन बीघा निवासी पिंटू प्रसाद की चार वर्षीय पुत्री सौम्या अपनी मां के साथ रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने आई थी। शादी के दौरान सिंदूरदान की रस्म चल रही थी। इसी बीच छत पर खड़े एक युवक ने अवैध हथियार से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान चली एक गोली नीचे मौजूद बच्ची सौम्या के पेट में जा लगी।
गोली लगते ही समारोह में अफरा-तफरी मच गई। परिजन आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
मृतक बच्ची की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बिलखते हुए कहा, “हम तो खुशी मनाने आए थे, यह नहीं पता था कि बेटी की लाश लेकर लौटेंगे। जिसने गोली चलाई, उसे भगवान कभी माफ नहीं करेगा। मेरी बच्ची का क्या कसूर था?”
घटना की सूचना मिलते ही धनरूआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।
डीएसपी कन्हैया कुमार ने बताया कि डोमन बीघा निवासी पिंटू प्रसाद के फूफा की पोती की शादी थी। शादी सज्जू प्रसाद उर्फ सचिदानंद की बेटी की थी। उसी दौरान छत पर खड़े एक युवक ने फायरिंग की, जिसकी पहचान कर ली गई है। गोली बच्ची के पेट में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में हर्ष फायरिंग की पुष्टि हुई है। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी और अवैध हथियार भी जब्त किया जाएगा। दोषी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
गौरतलब है कि शादियों में हर्ष फायरिंग पर सरकार ने पूरी तरह रोक लगा रखी है, बावजूद इसके लोग कानून की अनदेखी कर खुशी के नाम पर दूसरों की जिंदगी छीन रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है—आखिर कब रुकेगा मौत का यह जश्न?