जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित, सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज समाहरणालय स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल की संयुक्त अध्यक्षता में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सड़क सुरक्षा, दुर्घटना नियंत्रण, ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्रवाई, राजमार्ग गश्ती, विद्यालय वाहनों की जांच, बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली, विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन, चालक प्रशिक्षण एवं एम्बुलेंस व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राजमार्ग गश्ती के लिए दो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से राष्ट्रीय उच्च पथों पर नियमित गश्ती एवं निगरानी की जा रही है।
विद्यालय वाहन जांच अभियान की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि विभागीय निर्देश के आलोक में जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के वाहनों की सघन जांच की गई, जिसमें डिफॉल्टर पाए गए कुल 63 वाहनों के विरुद्ध शमन की कार्रवाई की गई। साथ ही विद्यालय वाहनों की नियमित जांच जारी रखने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पैदल ऊपरी पुल, जेब्रा क्रॉसिंग, यातायात संकेत प्रकाश, पैदल भूमिगत मार्ग एवं वाहन भूमिगत मार्ग निर्माण हेतु संभावित स्थलों के चिन्हांकन को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी, यातायात उपाधीक्षक, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल एवं नगर निकायों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत जिले के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों एवं यातायात प्रभावित स्थलों का सर्वेक्षण किया गया है। रमेश चौक, नवाडीह चौक, रामाबांध बस स्टैंड, अम्बा चौक, भखरुआ चौक, गोह चौक, पंचरुखिया चौक, जसोईया मोड़, कर्मा मोड़ एवं धर्मशाला मोड़ सहित कई स्थलों को चिन्हित किया गया है।
बैठक में नगर क्षेत्रों में विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु संभावित स्थानों के चिन्हांकन की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों एवं नगर निकायों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
चालक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आई०डी०टी०आर० औरंगाबाद में दिनांक 09.05.2026, 16.05.2026 एवं 17.05.2026 को बस, ट्रक, ऑटो एवं अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें कुल 78 चालकों को प्रशिक्षित किया गया। वहीं भारी वाहन चालक प्रशिक्षण के लक्ष्य 50 के विरुद्ध 49 चालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो 98 प्रतिशत उपलब्धि है।
बैठक में सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले सद्भावी सहायकों की पहचान एवं प्रोत्साहन को लेकर भी चर्चा की गई। इस संबंध में संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा दूत नामित करने के संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी से प्रत्येक महाविद्यालय में दो छात्र, दो छात्रा एवं एक शिक्षक को नामित करने हेतु सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।
एम्बुलेंस व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि जिले में सरकारी एवं गैर सरकारी मिलाकर 40 तथा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत 21 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं। इस प्रकार जिले में कुल 61 एम्बुलेंस संचालित हैं।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट जांच अभियान नियमित रूप से चलाने तथा विद्यालय वाहनों की जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक ने राजमार्ग गश्ती को और सुदृढ़ करने, यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन कराने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने आम नागरिकों से सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने की अपील की।
उक्त बैठक में अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, सभी पुलिस उपाधीक्षक, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।