अधिकार मित्रों के दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ, कानूनी जागरूकता पर दिया गया जोर
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), औरंगाबाद के अंतर्गत कार्यरत अर्द्ध विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी), जिन्हें अधिकार मित्र की संज्ञा दी गई है, के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभाकक्ष में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकार मित्रों को बुनियादी कानूनों एवं विभिन्न विधिक योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें और अधिक सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने कहा कि अधिकार मित्र जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहकर लोगों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में उनका विधिक रूप से जागरूक एवं सशक्त होना आवश्यक है, ताकि वे जरूरतमंद लोगों को न्याय एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकार मित्रों को बुनियादी कानूनों के साथ-साथ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में पीड़ित प्रतिकर योजना, वीर परिवार सहायता योजना, जागृति योजना, बच्चों के लिए बाल-अनुकूल योजनाएं, अधिकार संरक्षण योजना, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए सहायता योजनाएं, नशीली दवाओं के विरुद्ध ‘डॉन’ योजना, आपदा पीड़ितों तथा वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण सत्र में उप मुख्य विधिक सेवा प्रतिरक्षा प्रणाली के अधिवक्ता अभिनंदन कुमार के नेतृत्व में विभिन्न लॉ कॉलेजों से आए इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अधिकार मित्रों को व्यावहारिक एवं तकनीक आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण देने वाले छात्र-छात्राओं में अंजली कुमारी, अदिति योजना, आस्था सिंह, पीयूष रंजन, कार्तिक राज एवं आनंद कुमार शामिल रहे। उन्होंने अधिकार मित्रों को विभिन्न विधिक प्रक्रियाओं, योजनाओं एवं तकनीकी संसाधनों के उपयोग की जानकारी देकर उन्हें विधिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्रों ने सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए विभिन्न कानूनी विषयों पर अपने प्रश्न भी रखे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से अधिकार मित्र ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में विधिक जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।