नवबिहार टाइम्स संवाददाता
बरौनी। 17 बिहार बटालियन एनसीसी, सहरसा द्वारा आयोजित दस दिवसीय कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण शिविर 3 मई से 12 मई तक ओटीसी, बरौनी परिसर में कैंप कमांडेंट कर्नल बी. सत्यनारायण के निर्देशन में आयोजित किया गया।
शिविर में 4 बिहार बटालियन एनसीसी, भागलपुर के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल विकास मंडल ने डिप्टी कैंप कमांडेंट के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैंप में सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, खगड़िया, भागलपुर, बांका और मुंगेर जिलों के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से करीब 500 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया।
दस दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य कैडेट्स का सर्वांगीण विकास करना था। कैंप के दौरान आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास तथा कैरियर निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर के छठे दिन बेंगलुरु से आए प्रसिद्ध कैरियर काउंसलर डॉ. अंकित पाल सिंह ने कैडेट्स को एनसीसी के माध्यम से भविष्य निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सातवें दिन कैंप कमांडेंट कर्नल बी. सत्यनारायण की निगरानी में कैडेट्स की ड्रोन ट्रेनिंग परीक्षा आयोजित की गई। इसके अलावा थल सेना कैंप एवं फायरिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
कैंप में कैडेट्स को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सैन्य अभियानों की जानकारी भी दी गई। वहीं कर्नल विकास मिश्रा ने एनसीसी के माध्यम से भारतीय सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया और उससे मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कैंप को सफल बनाने में पार्वती साइंस कॉलेज, मधेपुरा के एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ. सुजीत कुमार, लेफ्टिनेंट तुषार झा, एनसीसी ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार तथा एसओ डॉ. कादंबिनी कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं सैन्य अनुशासन बनाए रखने में सूबेदार गोपाल कृष्ण, सूबेदार मेजर लेफ्टिनेंट एम.डी. रकीब, सूबेदार विजय बहादुर, बलजीत सिंह एवं टॉप बहादुर सहित सभी सैन्य स्टाफ सक्रिय रूप से जुटे रहे।
समापन समारोह में कैंप कमांडेंट ने सभी कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।