नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। मगध विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. (डॉ.) दिलीप कुमार केशरी ने मंगलवार को सेवानिवृत्त हुए तीन शिक्षाविदों को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार वर्मा, जगजीवन कॉलेज, गया के प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र कुमार प्रजापति तथा आरएलएसवाई कॉलेज, औरंगाबाद के भौतिकी विभाग के डॉ. अरुण कुमार शामिल हैं।
इस अवसर पर कार्यवाहक कुलपति ने तीनों शिक्षाविदों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शिक्षकों और शिक्षाविदों के योगदान से बनती है। तीनों शिक्षकों ने अपने लंबे सेवाकाल में शिक्षा, अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनका अनुभव और योगदान विश्वविद्यालय परिवार के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल शासकीय सेवा का समापन है, सामाजिक और शैक्षणिक दायित्वों का नहीं। ऐसे अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन भविष्य में भी विश्वविद्यालय और समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
कुलसचिव डॉ. बिनोद कुमार मंगलम ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में तीनों शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञ है तथा भविष्य में भी उनके अनुभवों से लाभान्वित होने की अपेक्षा रखता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं अधिकारियों के सम्मान तथा उनके वैधानिक लाभों के समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों का योगदान किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी होता है। तीनों शिक्षाविदों ने शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास रहता है कि प्रत्येक कर्मी को सेवानिवृत्ति के दिन ही सेवांत लाभ उपलब्ध कराया जाए।
पीपीओ प्राप्त करने के बाद प्रो. विजय कुमार वर्मा, डॉ. सत्येंद्र कुमार प्रजापति एवं डॉ. अरुण कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरे सेवाकाल में उन्हें विश्वविद्यालय परिवार का भरपूर सहयोग मिला। साथ ही शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. बिनोद कुमार मंगलम, वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित थे।